झाँसी: गरौठा की राजनीति में पूर्व सपा विधायक दीपनारायण सिंह यादव और भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत के परिवार अलग-अलग राजनीतिक खेमों में रहे हैं. दोनों परिवारों की सियासी गतिविधियों को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा होती रही है. ऐसे माहौल में जब दोनों नेताओं के बेटे एक ही मंच पर पहुंचे और आपस में हाथ मिलाया, तो यह दृश्य लोगों के बीच चर्चा का कारण बन गया.
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दीपांकर यादव उर्फ मून ने राहुल राजपूत को मंच से दोस्ती का संदेश दिया. इसके बाद राहुल भी मंच पर पहुंचे और दोनों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया. इस दौरान मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम को देखा, जबकि बाद में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया.
वीडियो सामने आने के बाद शुरू हुई राजनीतिक चर्चाएं
दोनों युवाओं के इस सार्वजनिक मेल-मिलाप को लेकर गरौठा में कई तरह की चर्चाएं होने लगी हैं. हालांकि अभी इसे किसी राजनीतिक गठजोड़ या भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखना जल्दबाजी होगी. दोनों परिवारों की ओर से भी इस मुलाकात को लेकर कोई औपचारिक राजनीतिक बयान जारी नहीं किया गया है.
फिलहाल इतना जरूर है कि जिस गरौठा में दोनों परिवारों की राजनीतिक मौजूदगी अलग-अलग खेमों में देखी जाती रही है, वहां उनके बेटों का इस तरह साथ आना स्थानीय लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया है. आगे यह मुलाकात केवल व्यक्तिगत संबंधों तक सीमित रहती है या इसका कोई राजनीतिक असर देखने को मिलता है, इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है.
गरौठा में सियासी प्रतिद्वंद्विता के बीच दिखी दोस्ती, दोनों नेताओं के बेटों ने मिलाया हाथ
