सागर शराबकांड: 30-30 हजार के इनामी मनीष लोधी और आशीष साहू शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार

सागर: जिले के चर्चित बंडा शराबकांड में फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनीष लोधी और आशीष साहू के रूप में हुई है। दोनों पर पुलिस ने 30-30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के मुताबिक, बुधवार तड़के करीब 3 बजे मालथौन थाना क्षेत्र के नोनिया-सेसई रोड घाटी के पास पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में थी। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधि के आधार पर घेराबंदी की गई। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरता देख आरोपियों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। फायरिंग के दौरान मनीष लोधी के पैर में गोली लगी, जबकि मौके से भागने की कोशिश कर रहा आशीष साहू भी घायल हो गया। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस ने घटनास्थल से दो देशी कट्टे, पांच कारतूस और एक बेसबॉल डंडा बरामद करने की बात कही है।

33 आरोपी बनाए गए, 21 गिरफ्तार

पुलिस जांच में अवैध शराब के निर्माण और उसकी सप्लाई से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए हैं। इस मामले में अब तक कुल 33 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि एक अस्पताल में भर्ती है। सिद्धार्थ कुशवाहा समेत 10 आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं।

रवि लखेरा पर अंतरराज्यीय शराब तस्करी का आरोप

पुलिस के अनुसार, रवि लखेरा इस पूरे नेटवर्क में अहम भूमिका निभाता था। मूल रूप से छतरपुर जिले के महोबा का रहने वाला रवि लंबे समय से उत्तर प्रदेश के ललितपुर स्थित गंगापुरम कॉलोनी में रह रहा था। पुलिस का दावा है कि रवि अंतरराज्यीय शराब तस्करी से जुड़ा रहा है और मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें कई मामले आबकारी अधिनियम से संबंधित बताए गए हैं।


मनीष लोधी पर लाइसेंसी कारोबार की आड़ में अवैध शराब का आरोप

मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह बरेठी शराब दुकान का लाइसेंसी ठेकेदार बताया गया है। पुलिस के अनुसार, उसने रवि लखेरा से अवैध शराब तैयार करने का तरीका सीखा और बाद में लाइसेंसी कारोबार की आड़ में नकली शराब के नेटवर्क से जुड़ गया। मनीष के खिलाफ 11 मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है, जिनमें छह मामले आबकारी अधिनियम से जुड़े बताए गए हैं। बंडा में सागर रोड स्थित उसका बार भी था, जिसे शराबकांड सामने आने के बाद सील कर दिया गया था।


चंद्रभान के खेत में तैयार की गई थी अवैध शराब

पुलिस जांच में ततरवारा गांव निवासी चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस उसे शराब बनाने और सप्लाई नेटवर्क का प्रमुख आरोपी बता रही है। जांच के अनुसार, उसके मक्के के खेत में अवैध शराब तैयार की गई थी। चंद्रभान के खिलाफ पांच आपराधिक मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है।


शिवांजय राजपूत पर सप्लाई नेटवर्क में भूमिका का आरोप

छापरी गांव निवासी शिवांजय राजपूत को पुलिस ने अवैध शराब की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की अहम कड़ी बताया है। वह चंद्रभान का रिश्तेदार है और मनीष लोधी के संपर्क में था। पुलिस के मुताबिक, शराब तैयार होने के बाद उसे आसपास के गांवों तक पहुंचाने में शिवांजय की भूमिका रही।

50 पेटी शराब तैयार कर गांवों में सप्लाई करने का दावा

पुलिस की जांच के अनुसार, 2 सितंबर को ततरवारा में चंद्रभान के मक्के के खेत में अवैध शराब तैयार की गई थी। पुलिस का आरोप है कि रवि लखेरा और मनीष लोधी ने शराब बनाने के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराया था। इसके बाद चंद्रभान, शिवांजय और मनीष ने मिलकर करीब 50 पेटी शराब तैयार की। पुलिस के अनुसार, इस शराब को ‘सागर गोल्ड’ नाम से आसपास के गांवों में सप्लाई किया गया। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अवैध शराब के कारोबार से संबंधित कड़ियों की जांच कर रही है।



About बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो

View all posts by बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *