जालौन: उरई स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में हुए विवाद ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। जिले में व्यापारियों के प्रदर्शन और लगातार बढ़ते विरोध के बीच यह मामला अब सीधे लखनऊ पहुंच गया है। उरई सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
बताया जा रहा है कि विधायक ने मेडिकल कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं, इलाज के दौरान हुए विवाद और कथित मारपीट की घटना को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि घटना के बाद जिले में लोगों में भारी नाराजगी है और यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मामला और ज्यादा गंभीर हो सकता है।
घायल युवती के परिजनों के साथ विवाद बना बड़ा मुद्दा
सूत्रों के अनुसार विधायक ने डिप्टी सीएम को बताया कि घायल युवती के इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। आरोप है कि इलाज को लेकर विवाद बढ़ने के बाद मरीज पक्ष और मेडिकल स्टाफ के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस घटना के बाद पूरे जिले में आक्रोश फैल गया और व्यापारिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। घंटाघर समेत शहर के कई हिस्सों में व्यापारियों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
विधायक बोले- पीड़ित परिवार के साथ खुद मौजूद था
सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने घटना को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि घायल पक्ष के साथ जिस तरह का व्यवहार सामने आया, वह गलत है। विधायक ने यह भी बताया कि घटना वाली रात वह खुद पीड़ित परिवार के साथ मौजूद थे और घायलों का इलाज जिला अस्पताल में कराया गया। इस मुलाकात के बाद अब पूरे जिले में यह चर्चा तेज हो गई है कि मामला सरकार के उच्च स्तर तक पहुंच चुका है। लोगों की नजर अब स्वास्थ्य विभाग और शासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
उरई मेडिकल कॉलेज विवाद पहुंचा लखनऊ, विधायक गौरी शंकर वर्मा ने डिप्टी सीएम से की मुलाकात
