झाँसी लूटकांड की पूरी कहानी, जिसमें जालौन पुलिस के तीन सिपाहियों का आया नाम

जालौन: ड्राई फ्रूट कारोबारी के मुंशी से करीब 24.90 लाख रुपये की कथित लूट के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। झांसी पुलिस की जांच में जालौन पुलिस लाइन में तैनात तीन सिपाहियों के नाम सामने आने के बाद पूरे प्रकरण की गंभीरता बढ़ गई है। जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों को हिरासत में लेकर निलंबित कर दिया हैऔर विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

गुजरात के कारोबारी का बुंदेलखंड में फैला है कारोबार
जानकारी के अनुसार गुजरात के सूरत निवासी ड्राई फ्रूट कारोबारी जितेंद्र पटेल उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में व्यापार करते हैं। झांसी और आसपास के क्षेत्रों में व्यापारियों से भुगतान एकत्र करने तथा माल की आपूर्ति की जिम्मेदारी उनके मुंशी किशन पांचाल संभालते हैं। बताया गया कि गुरुवार को किशन पांचाल अपने सहयोगी किशन कुमार के साथ व्यापारियों से भुगतान एकत्र कर स्कूटी से वापस लौट रहे थे। उनके पास लगभग 24.90 लाख रुपये नकद थे।

मिनर्वा चौराहे के पास रोककर कार में बैठाने का आरोप
पीड़ितों के अनुसार शाम करीब पांच बजे मिनर्वा चौराहे के पास सुरेश होटल के सामने काले रंग की क्रेटा कार में आए कुछ लोगों ने उनकी स्कूटी रोक ली। आरोप है कि दोनों को जबरन कार में बैठा लिया गया। मुंशी किशन पांचाल का आरोप है कि कार में मौजूद लोगों में तीन पुलिसकर्मी भी शामिल थे। उनका कहना है कि आरोपियों ने करीब डेढ़ घंटे तक शहर के अलग-अलग इलाकों में घुमाने के बाद नकदी से भरा बैग छीन लिया और बाद में कानपुर बाईपास के पास छोड़कर फरार हो गए।

घटना के बाद दहशत में था मुंशी, बाद में दर्ज कराई शिकायत
कारोबारी जितेंद्र पटेल के अनुसार वारदात के बाद उनका मुंशी काफी भयभीत था, इसलिए उसने तुरंत पुलिस से संपर्क नहीं किया। बाद में समझाने पर शुक्रवार को कोतवाली पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज से जांच को मिली दिशा
शिकायत मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान संदिग्ध क्रेटा कार के फुटेज मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी। इसके साथ ही कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जालौन पुलिस लाइन के तीन सिपाहियों से पूछताछ
जांच के दौरान जालौन पुलिस लाइन में तैनात सिपाही मनोज, राघवेंद्र और नीरज का नाम सामने आया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि तीनों पहले झांसी में तैनात रह चुके थे और कथित रूप से कारोबारी के भुगतान संग्रह से परिचित थे।
आरोप है कि तीनों बिना विभागीय अनुमति के झांसी पहुंचे थे। फिलहाल झांसी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी है।

एसपी जालौन ने दिए निलंबन और विभागीय जांच के आदेश
पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह ने बताया कि झांसी पुलिस की जांच में तीनों सिपाहियों की संलिप्तता सामने आने के बाद उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रकरण की विवेचना जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा।

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