जालौन में अधिवक्ताओं का उग्र प्रदर्शन, लखनऊ लाठीचार्ज के विरोध में सड़क पर उतरे वकील

जालौन: उरई में बुधवार को जिला जालौन बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने लखनऊ में वकीलों के चैम्बर तोड़े जाने और पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता सड़क पर उतर आए, जिसके चलते अंबेडकर चौराहे से कालपी रोड तक यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन के दौरान कई चारपहिया और दोपहिया वाहन जाम में फंस गए। एक एंबुलेंस भी ट्रैफिक जाम में अटक गई, जिसे बाद में पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। भीषण जाम के चलते शहर में यातायात व्यवस्था चरमरा गई।

जिला न्यायालय से कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च
जिला जालौन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ऋषि पटेल और महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर से कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला। इस दौरान अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लखनऊ में अधिवक्ताओं के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि 17 मई 2026 को लखनऊ में वकीलों के चैम्बर तोड़े गए और विरोध करने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर कई अधिवक्ताओं को घायल कर दिया। इस घटना से प्रदेशभर के अधिवक्ताओं में नाराजगी है।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मांग की गई कि लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा जिन अधिवक्ताओं के चैम्बर तोड़े गए हैं, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई। अधिवक्ताओं का कहना है कि बिना उचित व्यवस्था के वकालत कार्य प्रभावित हो रहा है।

अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
बार एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश में जल्द अधिवक्ता प्रोटेक्शन अधिनियम लागू करने की मांग दोहराई। अधिवक्ताओं का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के कारण वकीलों में असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

शहर में देर तक बना रहा तनावपूर्ण माहौल
प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट दिखाई दिया। कलेक्ट्रेट और न्यायालय परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन खत्म होने के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका, लेकिन शहर में देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

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