जालौन: जिले में बुधवार सुबह का मंजर बेहद भावुक और दिल को झकझोर देने वाला रहा। हरियाणा सड़क हादसे में जान गंवाने वाले चार पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन में पूरे सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। परिजनों की चीख-पुकार और साथियों की नम आंखों के बीच माहौल बेहद गमगीन हो गया।
सबसे दर्दनाक दृश्य उस वक्त सामने आया जब शहीद सिपाही प्रदीप की पत्नी मयूरी वर्मा अपने पति के पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीं। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन उनका दर्द थमने का नाम नहीं ले रहा था। रोते-रोते वह बेहोश हो गईं। इस घटना ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। बताया गया कि प्रदीप और मयूरी की शादी महज 66 दिन पहले ही हुई थी।
पुलिस लाइन में दी गई अंतिम सलामी
बुधवार सुबह करीब 8 बजे चारों शहीद पुलिसकर्मियों के शव हरियाणा से जालौन पहुंचे। पुलिस लाइन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। शहीदों को श्रद्धांजलि देने वालों में डीजी आलोक सिंह, आईजी आकाश कुलहरी और डीएम राजेश पांडेय शामिल रहे। सभी अधिकारियों और जवानों ने कंधा देकर अपने साथियों को अंतिम विदाई दी। श्रद्धांजलि के बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिए गए, जहां से अंतिम संस्कार के लिए उन्हें रवाना किया गया।
परिजनों के लिए मुआवजे और नौकरी का ऐलान
डीजी आलोक कुमार ने घोषणा की कि सभी शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को 1.90 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी प्रदान की जाएगी। इस घोषणा से शोकाकुल परिवारों को कुछ सहारा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
दबिश से लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, ऊरई कोतवाली में तैनात दरोगा मोहित यादव, दरोगा सत्यभान, कॉन्स्टेबल अशोक कुमार, प्रदीप और सर्विलांस टीम हरियाणा में दबिश देने गई थी। मंगलवार सुबह सभी स्कॉर्पियो वाहन से वापस लौट रहे थे। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर धुलावट टोल प्लाजा के पास वाहन ओवरटेक करने के दौरान असंतुलित हो गया और सामने चल रही गाड़ी से टकरा गया। इस भीषण हादसे में चार पुलिसकर्मियों और वादी अमरीक सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक पुलिसवालों की अंतिम सलामी में रो पड़ा पुलिस परिवार, दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
