जालौन: जनपद के उरई कोतवाली क्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े ठगी रैकेट का खुलासा हुआ है. आरोप है कि एक ही परिवार के तीन लोगों ने बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक युवक से 21 लाख रुपये ठग लिए. इतना ही नहीं, उन्होंने अन्य लोगों से भी लाखों रुपये वसूलकर फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए.
कैसे रचा गया ठगी का जाल?
उरई के पटेल नगर निवासी नागेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एमएससी और बीएड शिक्षित हैं. उनके दूर के रिश्तेदार अनुराग कुलश्रेष्ठ उर्फ अन्नू, उसके भाई अंशुल कुलश्रेष्ठ और पिता श्याम जी कुलश्रेष्ठ ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी शिक्षा मंत्री तक सीधी पहुंच है और वे आसानी से नौकरी लगवा सकते हैं.
9 लाख RTGS और 12 लाख नकद वसूले
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने 24 फरवरी 2025 को उनसे 9 लाख रुपये RTGS के माध्यम से और 12 लाख रुपये नकद ले लिए. इसके बाद लगातार फाइल प्रोसेस और विभागीय कार्रवाई का बहाना बनाकर समय टालते रहे.
अन्य लोगों को भी बनाया शिकार
आरोपियों ने पीड़ित के जरिए अन्य लोगों को भी अपने जाल में फंसाया. जानकारी के मुताबिक:
मोहित सोनी से 3.5 लाख रुपये
अवनीश से 3 लाख रुपये
तिलक सिंह से 2 लाख रुपये
ज्ञानेन्द्र साहू से 65 हजार रुपये
अभिलाषा और सौम्या से 70-70 हजार रुपये
सभी से नौकरी के नाम पर रकम वसूली गई.
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर किया धोखा
पैसे लेने के बाद आरोपियों ने सभी पीड़ितों को नियुक्ति पत्र दिए. जब इन दस्तावेजों की जांच कराई गई तो वे पूरी तरह फर्जी निकले. सच्चाई सामने आने पर जब पीड़ितों ने विरोध किया, तो आरोप है कि उन्हें जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई.
धमकी के बाद पुलिस पहुंची मौके पर
पीड़ित के अनुसार, 27 फरवरी 2026 को धमकी मिलने के बाद उन्होंने डायल 112 पर सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. नागेंद्र ने पुलिस को व्हाट्सएप चैट, बैंक ट्रांजेक्शन और फर्जी नियुक्ति पत्रों की कॉपी भी सौंपी है.
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 319(2), 318(4), 338, 340(2), 352 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
शिक्षा मंत्री तक सीधी पहुंच है, नौकरी दिलवा देंगे, ठग लिए 21 लाख
