झांसी: झांसी से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और कानून दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक विवाहिता की दर्दनाक मौत के बाद उसके माता-पिता इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उनकी आंखों में आंसू हैं और दिल में सिर्फ एक सवाल — आखिर उनकी बेटी की चीखों को किसने अनसुना कर दिया?
दरोगा के सामने होती रही बेरहमी
मामला झांसी के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के चिरारा गांव का है। 7 मार्च को हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मृतका केसर (30) के परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी को ससुराल वालों ने दरोगा की मौजूदगी में खेत में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ने उसे बचाने की कोई कोशिश नहीं की। घायल अवस्था में छोड़कर आरोपी फरार हो गए। बाद में डायल 112 की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान केसर ने दम तोड़ दिया।
दहेज की मांग बनी मौत की वजह
केसर के पिता स्वामी प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने 18 मई 2019 को अपनी बेटी की शादी अपनी हैसियत से बढ़कर करीब 6 लाख रुपए खर्च कर की थी। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त 5 लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। लगातार हो रही प्रताड़ना से तंग आकर साल 2023 में घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज कराया गया। दिसंबर 2025 में समझौते के बाद केसर को फिर ससुराल भेजा गया, लेकिन अत्याचार का सिलसिला नहीं रुका।
खेत में हुई हैवानियत
परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन ससुराल पक्ष फसल काटने के विवाद को लेकर खेत पर पहुंचा। विरोध करने पर केसर को बेरहमी से पीटा गया और उसे मृत समझकर छोड़ दिया गया।
मोबाइल वीडियो बना बड़ा सबूत
मृतका के मोबाइल से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए दरोगा से अपनी जान बचाने की गुहार लगा रही है। वीडियो में वह साफ कहती सुनाई दे रही है कि पुलिसकर्मी ससुराल पक्ष का साथ दे रहा है। यह वीडियो अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सबूत बन गया है और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
चार गिरफ्तार, कई अब भी फरार
पुलिस ने इस मामले में पति देवेंद्र कुशवाहा, ससुर राम भरोसे और दो देवर प्रमोद व दिनेश को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सास फूलवती, मामा ससुर काशीराम और चाचा ससुर अरविंद अभी भी फरार हैं। परिजनों का आरोप है कि फरार आरोपी उन्हें लगातार धमका रहे हैं, जिससे उनका डर और बढ़ गया है।
पुलिस पर गिरी गाज
मामले में लापरवाही के आरोपों के बाद संबंधित दरोगा को एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने लाइन हाजिर कर दिया है। पूरे प्रकरण की जांच एएसपी अरीबा नोमान को सौंपी गई है।
इंसाफ की पुकार
बेटी को खो चुके माता-पिता अब सिर्फ एक ही मांग कर रहे हैं — “हमारी बेटी को न्याय दिलाओ, दोषियों को सजा दिलाओ।” यह मामला सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक आईना है, जहां दहेज जैसी कुरीति आज भी बेटियों की जान ले रही है।
झांसी दहेज कांड: दरोगा के सामने खेत में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, इंसाफ के लिए बिलखते माता-पिता
