जालौन: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जालौन जनपद में पर्यावरण संरक्षण को लेकर अभूतपूर्व जनसहभागिता देखने को मिली। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘एक पेड़-माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत जिलेभर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया।
मुख्य कार्यक्रम विकास खंड डकोर के ग्राम मोहम्मदाबाद में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए और उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का विषय नहीं है, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बढ़ते तापमान और बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की आवश्यकता पर बल दिया।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले के सभी विकास खंडों, नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान अमृत सरोवरों, तालाबों, गौशालाओं, सड़क किनारों, नदी और नहर तटों सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर 10 लाख 37 हजार से अधिक पौधे लगाए गए।
उन्होंने बताया कि पौधरोपण के लिए स्थानीय, पारंपरिक और फलदार प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जैव विविधता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके। अभियान में विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
प्रशासन की ओर से पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह महाअभियान जनपद में हरित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाने का संदेश दिया गया।
जालौन में विश्व पर्यावरण दिवस पर रिकॉर्ड वृक्षारोपण, 10 लाख से अधिक पौधे लगाकर दिया हरित भविष्य का संदेश
