जालौन: जनपद के कुठौंद थाना कस्बे में स्मार्ट मीटर को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, उपखंड कुठौंद स्थित विद्युत वितरण केंद्र पहुंच गए और वहां घेराव कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। “स्मार्ट मीटर नहीं चाहिए” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। ग्रामीणों की आवाज में नाराजगी ही नहीं, बल्कि बीते दिनों की अनसुनी शिकायतों का दर्द भी साफ झलक रहा था।
24 घंटे का वादा, लेकिन हालात जस के तस
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहला विरोध नहीं है। इससे दो दिन पहले भी इसी समस्या को लेकर बिजलीघर का घेराव किया गया था। उस समय प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनकी परेशानी और बढ़ गई है। एक ग्रामीण ने बताया कि 700 रुपये का रिचार्ज कराने के बावजूद दो दिन तक बिजली सही से नहीं चली। बार-बार कटौती होती रही, जिससे घर के जरूरी कामकाज और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हुई।
सड़क जाम की कोशिश, पुलिस ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई, जब आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम करने की कोशिश की। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तुरंत हस्तक्षेप कर हालात को काबू में कर लिया और जाम खुलवा दिया। इसके बावजूद ग्रामीण बिजलीघर परिसर में डटे रहे और अपनी मांगों पर अड़े रहे।
अधिकारियों ने सुनी समस्या, समाधान अब भी अधूरा
सूचना मिलने पर एसडीएम जालौन हेमंत पटेल मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और उनकी समस्याएं सुनीं। वहीं प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे और उपनिरीक्षक हर्षवर्धन त्रिपाठी ने भी स्थिति को शांत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। प्रशासन ने एक बार फिर जल्द समाधान का भरोसा दिलाया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया था।
“सुविधा नहीं, सिरदर्द बन गया स्मार्ट मीटर”
ग्रामीणों का कहना है कि स्मार्ट मीटर उनके लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन गया है। लगातार बिजली कटौती और गलत रीडिंग की शिकायतों ने उनका भरोसा कमजोर कर दिया है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो उनका आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
“स्मार्ट मीटर नहीं चाहिए” के नारों से गूंज उठा जालौन
