जालौन: सिरसाकलार थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा कई सवाल खड़े कर गया। गांव सिम्हारा निवासी 37 वर्षीय मुन्नेश अपनी पत्नी रीना देवी (35) और दो साल के मासूम बेटे रोहन के साथ बाइक से बस्तेपुर जा रहे थे। घर में खुशियों का माहौल था, क्योंकि परिवार एक छठी समारोह में शामिल होने निकल रहा था। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
सांडों की लड़ाई बनी मौत की वजह
बताया जा रहा है कि जैसे ही परिवार जाखा बम्बी के पास पहुंचा, सड़क पर आपस में लड़ रहे आवारा सांडों से उनकी बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसे में मुन्नेश के सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही लहूलुहान हो गए। स्थानीय लोगों ने इंसानियत दिखाते हुए घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही मुन्नेश ने दम तोड़ दिया। वहीं, उनकी पत्नी और मासूम बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
खुशियां मातम में बदलीं
जिस घर में छठी समारोह की तैयारियां चल रही थीं, वहां कुछ ही पलों में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर आंख नम है और हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर इस मासूम परिवार का कसूर क्या था।
प्रशासन पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु लगातार जानलेवा साबित हो रहे हैं, लेकिन इस समस्या पर अब तक कोई ठोस कदम नजर नहीं आता। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते आवारा पशुओं पर नियंत्रण किया गया होता, तो शायद आज एक परिवार उजड़ने से बच सकता था। आखिर कब तक लोग इस तरह की लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे?
पुलिस कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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