जालौन: जिले के एट कोतवाली क्षेत्र में 7 साल के मासूम की मौत के मामले में पुलिस ने अहम कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि सड़क हादसे के बाद बच्चे की मौत हो गई थी, जिसके बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शव को तालाब में फेंक दिया।
जानकारी के मुताबिक, एट क्षेत्र में रहने वाली शकुंतला अपने बेटे सूर्यांश (7) और बेटी के साथ मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। 27 मार्च को वह धार्मिक स्थल बैरागढ़ धाम में शारदा माता के दर्शन के लिए जा रही थीं। इसी दौरान सूर्यांश ने पास में चल रही भागवत कथा के भंडारे में जाने की इच्छा जताई। मां ने उसे कुछ पैसे देकर वहां भेज दिया।
करीब सुबह 11:20 बजे जब सूर्यांश भंडारे की ओर जा रहा था, तभी कोंच की तरफ से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उसे टक्कर मार दी। बाइक पर एक युवक और युवती सवार थे। टक्कर लगने से बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार युवक-युवती बच्चे को इलाज के नाम पर अपने साथ ले गए। लेकिन बाद में उन्होंने इंसानियत को शर्मसार करते हुए घायल बच्चे के शव को झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे के पास स्थित पावर ग्रिड के समीप एक तालाब में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद परिजनों ने बच्चे की तलाश शुरू की। अगले दिन 28 मार्च को उसका शव तालाब से बरामद हुआ। इस मामले में मां की तहरीर पर एट कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर उरई स्थित विजय विक्रम पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर मुख्य आरोपी सागर सिंह (26), निवासी मोहम्मदाबाद, थाना डकोर को गिरफ्तार कर लिया गया।
सीओ परमेश्वर प्रसाद के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हादसे के बाद बच्चा गंभीर रूप से घायल था और रास्ते में उसकी मौत हो गई। घबराहट में उन्होंने शव को तालाब में फेंक दिया। फिलहाल पुलिस आरोपी की बहन की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है।
जालौन में 7 वर्षीय मासूम की मौ*त का खुलासा, हादसे के बाद शव तालाब में फेंकने वाला आरोपी गिरफ्तार
