झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां एक बेटे ने अपनी ही मां की बेरहमी से हत्या कर दी. घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर नशा इंसान को कितना क्रूर बना सकता है.
जानकारी के अनुसार, मामला खैरा गांव का है, जो रक्सा थाना क्षेत्र में आता है. सोमवार रात करीब 8 बजे आत्माराम नाम का युवक शराब के नशे में घर पहुंचा. उस समय उसकी 70 वर्षीय मां हरकू देवी घर की छत पर बैठी थीं. बताया जा रहा है कि मां ने बेटे को शराब पीने के लिए डांटा और खाना खाने के लिए कहा. एक मां की यह सामान्य चिंता बेटे को इतनी नागवार गुजरी कि वह आपा खो बैठा. मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई.
गुस्से में आत्माराम ने पास में रखा सिलबट्टा उठाया और अपनी मां के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया. इतना ही नहीं, गंभीर रूप से घायल मां को उसने सीढ़ियों से नीचे धक्का दे दिया और मौके से फरार हो गया. चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो हरकू देवी खून से लथपथ पड़ी थीं. ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान मंगलवार को उनकी मौत हो गई. इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया. एक मां, जिसने बेटे को जन्म दिया, उसी के हाथों उसकी जिंदगी खत्म हो गई — यह सोचकर हर कोई स्तब्ध है.
पहले भी हिंसक रहा आरोपी
परिवार के लोगों ने बताया कि आत्माराम शराब का आदी था और अक्सर नशे में गाली-गलौज और मारपीट करता था. उसके बेटे सनी के मुताबिक, उसने पहले भी अपनी पत्नी सावित्री देवी की हत्या की कोशिश की थी. इस वजह से परिवार अलग रहने लगा था.
पुलिस की कार्रवाई
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है. क्षेत्राधिकारी (सीओ सिटी) लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है.
मानवीय सवाल
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं है, बल्कि समाज के सामने कई सवाल खड़े करती है. क्या शराब की लत इंसान से उसकी इंसानियत छीन लेती है? क्या परिवारों में बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए हमें और सख्त कदम उठाने की जरूरत नहीं है?
कलयुगी कपूत ने अपनी मां को उतारा मौ*त के घाट, शराब के लिए डांटा तो…
