जालौन: जनपद जालौन के माधौगढ़ थाना क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए 78 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें 18 लोग नामजद हैं, जबकि 50–60 अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। यह मामला 15 अप्रैल 2026 का है, जब स्थानीय स्तर पर स्मार्ट मीटर स्थापना का विरोध तेज हो गया। शिकायत के अनुसार प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने सड़क पर जाम लगाया , नारेबाजी की और सरकारी कार्य में बाधा डाली। इसके चलते प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ। पुलिस ने 16 अप्रैल को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर में शिकायतकर्ता के रूप में विद्युत वितरण उपखंड अधिकारी, माधौगढ़ का नाम दर्ज है। मामले की जांच उपनिरीक्षक दिनेश कुमार तोमर को सौंपी गई है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
धारा 285: सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालना
धारा 126(2): अवैध रूप से रास्ता रोकना या आवाजाही बाधित करना
धारा 191(2): दंगा या हिंसक भीड़ से संबंधित आरोप
धारा 190: अपराध करने वाली भीड़ का हिस्सा होना
धारा 121(1): सरकारी कार्य में गंभीर बाधा उत्पन्न करना
धारा 125: लापरवाही से जन-धन को खतरा पहुंचाना
धारा 132: सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा डालना
धारा 352: हमला, धमकी या मारपीट
इसके अतिरिक्त, आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 1932 की धारा 7 और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 8B के तहत भी कार्रवाई की गई है, जो कानून-व्यवस्था भंग करने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवरोध से संबंधित हैं।
एफआईआर के अनुसार 15 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया। आरोप है कि इस दौरान भीड़ ने न केवल प्रदर्शन किया, बल्कि रास्ता जाम कर प्रशासनिक कार्यों में व्यवधान उत्पन्न किया।
पुलिस ने 9 से अधिक कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
स्मार्ट मीटर का विरोध पड़ा भारी, 78 लोगों पर FIR, 9 गंभीर धाराएं लगाईं
