बुंदेलखंड क्षेत्र के ललितपुर और बांदा जिलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ललितपुर जिले के पाली तहसील क्षेत्र सहित कई इलाकों में बीती रात हुई तेज बारिश और बड़े आकार के ओलों ने रबी सीजन की तैयार फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है।
पाली, बिरधा, महरौनी, तालबेहट और मड़ावरा विकासखंड के अधिकांश गांवों में गेहूं, चना, सरसों और राई की खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर फसलें पूरी तरह जमीन पर गिर गईं, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। वहीं, कटाई के लिए तैयार या पहले से कटी फसलें भी बारिश के कारण भीगकर खराब होने की स्थिति में पहुंच गई हैं।
किसानों का कहना है कि यह समय फसल कटाई का था, लेकिन अचानक बदले मौसम ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। ओलावृष्टि के कारण फसलों को प्रत्यक्ष भौतिक नुकसान हुआ है, जिससे आर्थिक संकट और गहराने की संभावना है।
इधर, चित्रकूट मंडल के बांदा जिले के कुछ क्षेत्रों में भी फसलों को आंशिक नुकसान की खबरें हैं। स्थानीय किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण कराने, आपदा घोषित करने, राहत राशि वितरित करने तथा फसल बीमा दावों के शीघ्र निस्तारण की मांग की है। किसानों ने राज्य सरकार से शीघ्र सहायता की अपेक्षा जताई है, ताकि उनकी आजीविका पर पड़ रहे संकट को कम किया जा सके।

