छतरपुर: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले स्थित हरपालपुर रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कराए गए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 जुलाई को इस स्टेशन का वर्चुअल लोकार्पण किए जाने के महज तीन दिन बाद ही बारिश के दौरान प्लेटफॉर्म की छत से पानी टपकने का मामला सामने आया है। रविवार शाम करीब दो घंटे हुई बारिश के दौरान प्लेटफॉर्म के शेड से कई जगह पानी झरने की तरह गिरने लगा। इससे प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों को भीगने से बचने के लिए इधर-उधर हटना पड़ा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
11.74 करोड़ रुपये से हुआ था स्टेशन का कायाकल्प
हरपालपुर रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 11.74 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है। परियोजना के तहत स्टेशन पर नया प्रवेश द्वार, विस्तृत पार्किंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, शौचालय, लिफ्ट, एस्केलेटर, डिजिटल सूचना प्रणाली और स्थानीय कला-संस्कृति पर आधारित सजावट जैसी सुविधाएं तैयार की गई हैं।
लोकार्पण से पहले हुआ था निरीक्षण
स्टेशन के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार भी मौजूद रहे थे। कार्यक्रम से पहले रेलवे और झांसी मंडल के अधिकारियों ने स्टेशन का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया था। उद्घाटन के समय स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बताते हुए इसकी विशेषताओं की जानकारी भी दी गई थी।

पहली ही बारिश में सामने आई समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार स्टेशन की छत पहली ही बारिश में पानी रोकने में विफल रही। उनका मानना है कि यदि हल्की बारिश में यह स्थिति है, तो तेज बारिश के दौरान यात्रियों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने तथा यदि कहीं लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
स्टेशन प्रबंधक ने वरिष्ठ अधिकारियों को दी जानकारी
स्टेशन प्रबंधक आर. के. मिश्रा ने बताया कि प्लेटफॉर्म की छत से पानी टपकने की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि मामला उच्च स्तर का है, इसलिए इस पर आधिकारिक टिप्पणी संबंधित अधिकारी ही करेंगे।
1889 में बना था हरपालपुर रेलवे स्टेशन
हरपालपुर रेलवे स्टेशन झांसी-मानिकपुर रेलखंड का एक ऐतिहासिक स्टेशन है। इसका निर्माण वर्ष 1889 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ था। यह स्टेशन छतरपुर, टीकमगढ़ और महोबा क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे समय से रेल परिवहन और कृषि व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। इसकी भौगोलिक स्थिति भी विशेष है, क्योंकि यह तीन ओर से उत्तर प्रदेश की सीमा से घिरा हुआ है।

