छतरपुर में बारिश के बीच युवाओं का प्रदर्शन, NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार की उठी मांग

छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर में मंगलवार को NEET पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं का विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र और युवा कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारी पहले कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी और सीएसपी अरुण कुमार सोनी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, उनका ज्ञापन स्वीकार किया और संबंधित स्तर पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हो गया।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हर्षवर्धन शुक्ला ने बताया कि छात्र लगातार दूसरे दिन अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन छात्रों की चिंताओं को देखते हुए आंदोलन जारी रखा गया। प्रदर्शन में शामिल मयंक शुक्ला ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत है। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई कथित सख्ती पर भी चिंता जताई।

प्रदर्शन के दौरान छात्रा अंजली विश्वकर्मा भावुक हो गईं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण और साधारण परिवारों के माता-पिता मेहनत-मजदूरी कर अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। ऐसे परिवारों के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की उम्मीद होती हैं। उन्होंने कहा कि उनकी आवाज किसी राजनीतिक समर्थन या विरोध के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और माता-पिता की मेहनत के सम्मान के लिए है।

अंजली विश्वकर्मा और वरुण पांचाल ने बताया कि पहले भी इन्हीं मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया था। मंगलवार को दिल्ली में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की घटना के विरोध में दोबारा प्रदर्शन किया गया। बारिश के बीच भी युवाओं ने नारेबाजी जारी रखी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग दोहराई। प्रदर्शन के अंत में प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद छात्र शांतिपूर्वक वापस लौट गए।

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