झांसी: घरों में लगाए जा रहे स्मार्ट और प्री-पेड बिजली मीटरों को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। कांग्रेस ने अब इस मुद्दे पर खुलकर मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने प्रेसवार्ता के दौरान सरकार और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संसद में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के बयान के बावजूद झांसी, ललितपुर समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्री-पेड स्मार्ट मीटर तेजी से लगाए जा रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल की कमी है और अधिकारियों के बीच आर्थिक हितों के कारण यह कार्य तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई। उन्होंने सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि केवल पत्र लिखने से काम नहीं चलेगा। सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को इस मुद्दे पर खुलकर सामने आना चाहिए और संसद में आवाज उठानी चाहिए।
डेटा सुरक्षा को लेकर भी उठाए सवाल
प्रदीप जैन आदित्य ने स्मार्ट मीटर में लगे टेलीमेट्रिक्स सिस्टम और सिम तकनीक पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इन मीटरों के जरिए उपभोक्ताओं की निजी जानकारी जैसे कि घर में कौन-कौन से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उपयोग हो रहे हैं, यह डेटा सर्वर तक पहुंच रहा है। उन्होंने इसे निजता के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है। आम नागरिकों की निजी जानकारी इस तरह एकत्र करना गंभीर चिंता का विषय है।
प्री-पेड मीटर को पोस्टपेड में बदलने की मांग
पूर्व मंत्री ने मांग की कि प्री-पेड मीटर व्यवस्था को तुरंत समाप्त कर पोस्टपेड प्रणाली लागू की जाए। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
सोमवार को सौंपा जाएगा ज्ञापन
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। पूर्व मंत्री ने बताया कि सोमवार को झांसी और ललितपुर के कांग्रेस पदाधिकारी कमिश्नर को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा रोकने के प्रयास किए गए, तब भी पार्टी कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे। प्रेसवार्ता में कांग्रेस के कई स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अधिकारी बेलगाम होकर प्रीपेड मीटर लगा रहे, जनप्रतिनिधि प्रेम पत्र न लिखें, खुलकर बोलें
