झाँसी: झांसी से एक अहम न्यायिक फैसला सामने आया है, जहां हत्या के प्रयास के मामले में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर हरीशंकर उर्फ मोंटी यादव को अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 1.35 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला न्यायालय संख्या-1 के अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव ने सुनाया। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि अपराधियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जिससे समाज में कानून का डर कायम हो और कोई भी व्यक्ति अपराध करने से पहले सौ बार सोचे।
6 साल पुराने मामले में आया फैसला
यह मामला साल 2020 का है, जब मोंटी यादव ने गांव के ही एक युवक के पिता पर जानलेवा हमला किया था। जानकारी के अनुसार, घटना मोंठ थाना क्षेत्र के बुढ़ावली गांव की है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, 14 जून 2020 को शादी समारोह से लौटते समय आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उसने दोनाली बंदूक से फायर कर दिया, जिसमें गोली पीड़ित के हाथ में लगी। घायल को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आरोपी पर 38 आपराधिक मुकदमे
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास भी पेश किया। सरकारी वकील तेज सिंह गौर ने बताया कि मोंटी यादव पर वर्ष 2012 से अब तक लूट, मारपीट, हत्या के प्रयास और गुंडा एक्ट समेत कुल 38 मुकदमे दर्ज हैं। वकील ने अदालत से दलील दी कि आरोपी एक आदतन अपराधी है और समाज के लिए खतरा बना हुआ है, इसलिए उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
पीड़ित को मिलेगा मुआवजा
अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि लगाए गए जुर्माने में से 1 लाख रुपये पीड़ित को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाएंगे। यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त एक वर्ष की सजा और काटनी होगी।
कोर्ट का सख्त संदेश
फैसले में अदालत ने साफ किया कि इस प्रकार की सजा का उद्देश्य सिर्फ आरोपी को दंडित करना ही नहीं, बल्कि समाज में कानून का सम्मान स्थापित करना भी है। यह निर्णय क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
झाँसी के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर मोंटी यादव को 10 साल की जेल, ह*त्या के प्रयास में सजा
