रेंडर में इंसानियत की मिसाल: पुलिस और समाज ने मिलकर ई-रिक्शा चालक धर्म सिंह की बदली जिंदगी

जालौन: कभी-कभी छोटी सी मदद किसी के जीवन में नई रोशनी भर देती है। ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक मामला रेंडर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां पुलिस और समाज ने मिलकर एक जरूरतमंद ई-रिक्शा चालक की जिंदगी में उम्मीद की नई किरण जगा दी। ई-रिक्शा चालक धर्म सिंह पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। हालात इतने खराब हो चुके थे कि वह अपनी ई-रिक्शा की किस्त तक जमा नहीं कर पा रहे थे। किस्त न भर पाने की वजह से वह मानसिक रूप से टूट चुके थे और उनके परिवार को दो वक्त के भोजन के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा था।

जब इस मामले की जानकारी रेंडर थाना प्रभारी अभिनेंद्र सिंह को मिली, तो उन्होंने इसे सिर्फ एक सूचना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी के रूप में लिया। उन्होंने तुरंत अपने सहयोगियों के साथ पहल करते हुए मदद का हाथ बढ़ाया। सब इंस्पेक्टर अमित शुक्ला और अन्य पुलिसकर्मियों ने भी इस मानवीय कार्य में पूरा सहयोग दिया।

इस नेक पहल में गांव के कई सम्मानित लोग भी आगे आए। सभी ने मिलकर धर्म सिंह की मदद के लिए सहयोग राशि एकत्र की। सामूहिक प्रयासों से उनकी ई-रिक्शा की लंबित किस्त जमा कराई गई, जिससे उनका रोजगार बच गया। इतना ही नहीं, उनके परिवार के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई।

इस मदद के बाद धर्म सिंह के चेहरे पर जो सुकून और खुशी दिखी, वह शब्दों में बयान करना मुश्किल है। यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं थी, बल्कि एक टूटते हुए इंसान को फिर से खड़ा करने की कोशिश थी।

इस सराहनीय कार्य में पलक उपाध्याय, पवन श्रीवास्तव, शिवम श्रीवास्तव, मोहित पांडे, जमुना दास प्रजापत, राकेश प्रजापत, शरद पांडे, गोविंद तिवारी, ओम जी दुबे, अच्छा राम पांडे, जनवेश कुशवाहा, ज्ञानेश श्रीवास्तव, विवेक पांडे, संदीप सेंगर और रॉकी पांडे सहित कई लोगों ने अपनी क्षमता अनुसार योगदान दिया।

स्थानीय लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की और कहा कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं। थाना प्रभारी अभिनेंद्र सिंह ने भी स्पष्ट किया कि पुलिस का काम सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करना भी है। यह घटना एक मजबूत संदेश देती है कि जब पुलिस और समाज एक साथ खड़े होते हैं, तो किसी भी जरूरतमंद की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

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