पुरानी चुनावी रंजिश बनी ह*त्या की वजह, बदमाशों ने पहले रेकी की

दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में नया खुलासा सामने आया है। पुलिस जांच के मुताबिक, हमलावर पहले मौके से निकल गए थे, लेकिन कुछ ही देर बाद वापस लौटे और पार्षद कल्लू कुशवाहा पर पीछे से गोलियां बरसा दीं। अचानक हुए इस हमले में कल्लू मौके पर ही गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कल्लू ने हमलावरों को देखा था, लेकिन वे घबराए नहीं। इसी का फायदा उठाकर आरोपी दोबारा लौटे और वारदात को अंजाम दिया।

आरोपियों ने किया सरेंडर, साजिशकर्ता की तलाश
घटना के बाद मुख्य आरोपी छोटू उर्फ पंकज कुशवाहा और उसके एक साथी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। जांच के दौरान साहब सिंह यादव का नाम भी सामने आया है, जिसे इस हत्या का साजिशकर्ता माना जा रहा है। पुलिस ने उसके खिलाफ भी हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

2017 में भी हुआ था जानलेवा हमला
यह दुश्मनी कोई नई नहीं है। 23 अगस्त 2017 को भी कल्लू कुशवाहा पर हमला हुआ था। उस समय वे कोर्ट से लौट रहे थे, तभी बायपास बस स्टैंड पर उन पर फायरिंग की गई। इस हमले में कल्लू तो बच गए थे, लेकिन उनके साथी मुकेश कुशवाहा की जान चली गई थी। पुलिस ने उस समय सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन चार साल बाद कोर्ट ने सभी को बरी कर दिया। रिहाई के बाद मुख्य आरोपी भंवर सिंह ने आत्महत्या कर ली थी, जिससे यह विवाद और गहराता चला गया।

पार्षद की हत्या के बाद दतिया का  पूरा बाजार बंद


चुनावी वर्चस्व बना खूनी संघर्ष की वजह
दोनों परिवारों के बीच दुश्मनी की जड़ स्थानीय राजनीति और पार्षद का चुनाव बताया जा रहा है।
2005 में बालकिशन कुशवाहा कांग्रेस से पार्षद बने
2010 में उन्होंने बीजेपी से जीत दर्ज की
2015 में महिला सीट होने पर उनके परिवार ने कब्जा बनाए रखा
2022 में कल्लू कुशवाहा निर्विरोध पार्षद बने
इसी दौरान विरोधी पक्ष ने भी चुनाव लड़ने की कोशिश की, लेकिन बाद में नाम वापस ले लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच वर्चस्व की लड़ाई खुलकर सामने आ गई।

कल्लू और आरोपी परिवार का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, मृतक कल्लू कुशवाहा पर शराब तस्करी, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत 15 से ज्यादा मामले दर्ज थे। वहीं, आरोपी छोटू के परिवार का भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके भाई बंटी कुशवाह पर 2024 में इंदरगढ़ में एक व्यापारी की हत्या का आरोप है। गिरफ्तारी के दौरान उसने पुलिस पर 12 से 15 राउंड फायरिंग की थी, जिसके बाद मुठभेड़ में घायल होने पर उसे पकड़ा गया।

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