झांसी के मड़िया मोहल्ले में मकान टूटने का खतरा, भोपाल में रक्षा संपदा अधिकारियों से मांगी राहत

झांसी/भोपाल: झांसी के मड़िया मंदिर के पास स्थित मड़िया मोहल्ले में मकान तोड़ने संबंधी नोटिस मिलने के बाद प्रभावित परिवारों की चिंता बढ़ गई है. लंबे समय से यहां रह रहे परिवारों को राहत दिलाने का मुद्दा अब भोपाल में रक्षा संपदा विभाग के अधिकारियों के सामने उठाया गया है. इस दौरान मकान तोड़ने की प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक लगाने, प्रभावित लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने और मामले का कानूनी समाधान निकालने की मांग की गई. इस संबंध में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने भारत सरकार के रक्षा संपदा सेवा के संभागीय कार्यालय पहुंचकर क्षेत्र के प्रभारी अखिल बिहारी दास से मुलाकात की. बातचीत के दौरान मड़िया मोहल्ले में रह रहे परिवारों की स्थिति और उनके आवास से जुड़े दस्तावेजों का हवाला देते हुए मानवीय आधार पर राहत देने की अपील की गई.

आजादी से पहले से रहने का दावा, किरायेदारी की रसीदों का भी हवाला

अधिकारियों के सामने यह पक्ष रखा गया कि मड़िया मोहल्ले में कई परिवार लंबे समय से निवास कर रहे हैं. इनमें कुछ परिवारों के आजादी से पहले से वहां रहने का दावा भी किया गया. बताया गया कि संबंधित परिवारों के नाम स्वतंत्रता के बाद की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं. प्रभावित परिवारों के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली कनेक्शन और आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेज होने की बात भी सामने रखी गई. इसके अतिरिक्त, कई परिवारों के पास कैंटोनमेंट की किरायेदारी से संबंधित रसीदें हैं. दावा किया गया कि वे निर्धारित धनराशि भी जमा करते रहे हैं. इन दस्तावेजों के आधार पर मांग की गई कि परिवारों के आवास से संबंधित मामले की पूरी जानकारी जुटाकर उचित निर्णय लिया जाए. हालांकि, इन दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति पर कानूनी अधिकार की स्थिति का निर्धारण संबंधित अभिलेखों और लागू नियमों के परीक्षण के बाद ही किया जा सकता है.

48 घंटे के नोटिस से बेघर होने की आशंका

मकान तोड़ने के लिए 48 घंटे का समय दिए जाने संबंधी नोटिस और आदेश को लेकर प्रभावित परिवारों की ओर से चिंता जताई गई. उनका पक्ष रखते हुए कहा गया कि इतनी कम अवधि में परिवारों के सामने अपने आवास को बचाने और वैकल्पिक व्यवस्था करने की गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है. रक्षा संपदा विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया गया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल विचार किया जाए. साथ ही, प्रभावित परिवारों को अपना पक्ष रखने, संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने और कानूनी उपाय अपनाने के लिए उचित अवसर उपलब्ध कराया जाए.

दीपावली के बाद पत्र देने की बात, कार्रवाई पर रोक स्पष्ट नहीं

मुलाकात के दौरान रक्षा संपदा अधिकारी अखिल बिहारी दास के साथ इस मामले पर चर्चा हुई. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने दीपावली के बाद इस संबंध में पत्र दिए जाने की बात कही. हालांकि, मकान तोड़ने की प्रस्तावित कार्रवाई पर औपचारिक रोक लगा दिए जाने की कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में प्रभावित परिवारों के लिए आगे की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं का मुद्दा भी उठा

बैठक में केवल मकानों को लेकर जारी नोटिस का ही मुद्दा नहीं उठाया गया, बल्कि मड़िया मोहल्ले में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई. इसमें पानी के कनेक्शन और शौचालय निर्माण जैसे विषय शामिल रहे. प्रभावित परिवारों के पक्ष में कहा गया कि लंबे समय से बसे लोगों की आवास संबंधी समस्याओं का समाधान न्यायसंगत और मानवीय दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए. साथ ही, किसी भी संभावित बेदखली या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में लागू कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई.

अब रक्षा संपदा विभाग के अगले कदम पर टिकी नजरें

मड़िया मोहल्ले के प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने के लिए आगे भी प्रयास जारी रखने की बात कही गई है. परिवारों की मांग है कि उनके आवास से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाए, उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिले और मामले का समाधान होने तक उनकी स्थिति पर गंभीरता से विचार किया जाए. फिलहाल, भोपाल में हुई मुलाकात के बाद रक्षा संपदा विभाग की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं. प्रभावित परिवारों के लिए सबसे बड़ा सवाल अपने घरों को लेकर बनी अनिश्चितता और संभावित कार्रवाई से राहत मिलने का है.

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