जालौन: कोंच तहसील क्षेत्र के छोटी दोहर इलाके में करीब दो बीघा खेत में खड़ी पपीते की फसल पानी में डूबने का मामला सामने आया है। किसान ने नगर पालिका कोंच की अधिशासी अधिकारी (ईओ) पर चकरोड कटवाकर उसके खेत में जबरन पानी छुड़वाने का आरोप लगाया है। किसान का दावा है कि पानी भरने से उसकी पूरी फसल बर्बाद हो गई और करीब 8 लाख रुपये के नुकसान की आशंका है।
कोंच के छोटी दोहर निवासी राम पुत्र राम भरोसे के मुताबिक, उसने करीब दो बीघा जमीन में पपीते की फसल लगाई थी। किसान का आरोप है कि 29 सितंबर की शाम करीब 6 बजे चकरोड काटकर पड़ोसी खेत का पानी उसकी जमीन की ओर छोड़ दिया गया। देखते ही देखते पानी पपीते के खेत में भर गया और खड़ी फसल डूब गई।
चकरोड काटकर खेत में पानी छोड़ने का आरोप
पीड़ित किसान का आरोप है कि नगर पालिका कोंच की ईओ के स्तर से चकरोड कटवाकर पानी निकासी का रास्ता बनाया गया, जिसका पानी उसके खेत में पहुंचा। मौके पर मौजूद लोगों ने भी चकरोड काटने और खेत की ओर पानी जाने का आरोप लगाया है। इस घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। वीडियो में चकरोड काटने और खेत की ओर पानी जाने का दृश्य बताए जा रहे हैं। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किया जाना बाकी है।
विरोध करने पर धमकी देने का भी आरोप
किसान राम का कहना है कि जब उसने खेत में पानी छोड़ने का विरोध किया और पानी रोकने की बात कही, तो विवाद की स्थिति बन गई। किसान ने आरोप लगाया कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। मामले को लेकर किसान ने पहले पुलिस से शिकायत की और बाद में जिलाधिकारी से भी कार्रवाई की मांग की है। किसान का कहना है कि पपीते की फसल तैयार होने की स्थिति में थी और पानी भरने के बाद उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
करीब 8 लाख रुपये नुकसान की आशंका
किसान के अनुसार, करीब दो बीघा में लगी पपीते की खड़ी फसल पानी में डूबने से लगभग 8 लाख रुपये तक का नुकसान होने की आशंका है। किसान ने प्रशासन से मौके की जांच कराकर फसल नुकसान का आकलन कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले में कोंच कोतवाली प्रभारी निग्वेन्द्र प्रताप ने शिकायत के आधार पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चकरोड किसके स्तर से काटी गई और खेत में पानी पहुंचने की वास्तविक वजह क्या थी।
नोट: नगर पालिका ईओ पर लगाए गए आरोप किसान और स्थानीय लोगों के दावे पर आधारित हैं। प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
कोंच EO को किसने दिया हक़? किसान की पपीते की फसल में भरवा दिया पानी!
