जालौन: विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने जालौन जिले में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा दी हैं। माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बाद अब 220 कालपी विधानसभा सीट के लिए पार्टी ने वीरपाल सिंह चौहान को प्रभारी प्रत्याशी घोषित किया है। सोमवार को कालपी के एमएसबी इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान उनके नाम की घोषणा की गई।
घोषणा के अगले दिन मंगलवार को वीरपाल सिंह चौहान ने मीडिया से बातचीत में कालपी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई स्थानीय मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों को काम की तलाश में बाहर जाना पड़ता है। उनके मुताबिक, पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन विकसित करना जरूरी है।
हस्तनिर्मित कागज उद्योग को बढ़ावा देने की बात
वीरपाल सिंह चौहान ने कालपी के पारंपरिक हस्तनिर्मित कागज उद्योग को फिर से मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कागज उद्योग को बढ़ावा देने के साथ औद्योगिक गतिविधियों के लिए केंद्र स्थापित कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
बाढ़ और किसानों के मुद्दे भी उठाए
कालपी क्षेत्र में यमुना नदी की बाढ़ से प्रभावित इलाकों को लेकर उन्होंने स्थायी राहत व्यवस्था की जरूरत बताई। किसानों की समस्याओं, सिंचाई सुविधाओं और ग्रामीण इलाकों की मूलभूत जरूरतों को भी उन्होंने प्रमुख मुद्दों में शामिल किया। उन्होंने ग्रामीण सड़कों की स्थिति सुधारने, सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर करने और युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने की बात कही।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर
बसपा के प्रभारी प्रत्याशी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं, किसानों और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को चुनाव के दौरान प्रमुखता से उठाया जाएगा। मायावती को लेकर वीरपाल सिंह चौहान ने कहा कि बसपा कार्यकर्ताओं का लक्ष्य उन्हें दोबारा उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने मायावती के पिछले शासनकाल को कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहतर बताते हुए 2027 के चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय होने की अपील की।
कालपी में बसपा की चुनावी तैयारी तेज, वीरपाल सिंह चौहान बोले- पलायन रोकना प्राथमिकता
