जालौन: दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध की गूंज अब बुंदेलखंड तक पहुंच गई। इसी क्रम में मंगलवार देर शाम जालौन के उरई शहर स्थित गांधी चबूतरे पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
धरने का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष दीपराज सिंह गुर्जर ने किया। उनके आह्वान पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता गांधी चबूतरे पर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अखिलेश यादव को तत्काल रिहा करने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं का कहना था कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। उनका आरोप था कि विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि असहमति की आवाज को दबाने के बजाय उसका लोकतांत्रिक तरीके से सम्मान किया जाना चाहिए।
सपा जिलाध्यक्ष दीपराज सिंह गुर्जर ने कहा कि पार्टी पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही है। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव को शीघ्र रिहा नहीं किया गया तो पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर कार्यकर्ता पूरी रात गांधी चबूतरे पर धरने पर बैठे रहने के लिए भी तैयार हैं। धरना-प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और उसकी आवाज को दबाने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग दोहराते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने की बात कही। देर शाम तक गांधी चबूतरे पर कार्यकर्ताओं का धरना जारी रहा।
अखिलेश की गिरफ्तारी के विरोध में देर रात तक गांधी चबूतरे पर डटे रहे सपा कार्यकर्ता
