बुंदेलखंड में गुरुवार रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम और 80 से 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया। कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े, बिजली के खंभे टूट गए और टीनशेड उड़कर दूर जा गिरे। देर रात तक लोग दहशत के माहौल में घरों में कैद रहने को मजबूर रहे।
दीवार और टीनशेड गिरने से कई लोग घायल
आंधी-तूफान के दौरान कई इलाकों में मकानों की दीवारें और टीनशेड गिरने से बच्चों समेत आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। तेज हवाओं के कारण शहर के मुख्य मार्गों के साथ-साथ ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भी यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर पेड़ गिरने से कई जगह घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उरई-राठ मार्ग पर हाई टेंशन खंभा गिरा, लगा लंबा जाम
तूफान के बीच उरई-राठ मार्ग पर हाई टेंशन लाइन का एक विशाल खंभा अचानक सड़क पर गिर पड़ा। खंभे के साथ बिजली के तार भी सड़क पर फैल गए, जिससे मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज हवा के बीच जोरदार धमाके जैसी आवाज के साथ खंभा गिरा, जिससे आसपास मौजूद लोग घबरा गए। राहत की बात यह रही कि उस समय कोई वाहन खंभे की चपेट में नहीं आया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
पुलिस और बिजली विभाग ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा को देखते हुए तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई और मार्ग पर आवाजाही रोक दी गई। इसके बाद जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से गिरे हुए खंभे और पेड़ों को हटाने का कार्य शुरू किया गया। बिजली विभाग की टीमें देर रात तक क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने में जुटी रहीं।
झंडा चौराहे पर टूटा फ्लैग पोल, नगरपालिका की कार्यशैली पर उठे सवाल
जालौन नगर के झंडा चौराहे पर लगा फ्लैग पोल भी तेज आंधी की चपेट में आकर टूट गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगरपालिका की कार्यशैली और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि यदि मजबूत और मानक गुणवत्ता के अनुसार कार्य कराया गया होता तो फ्लैग पोल इतनी आसानी से नहीं टूटता। इस घटना ने नगरपालिका की व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील
तूफान के बाद प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर न निकलने और बिजली के टूटे तारों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही संबंधित विभागों को जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
बुंदेलखंड में तूफान ने मचाई तबाही, कई घायल, बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप
