उत्तर प्रदेश में बढ़ते पेट्रोल-डीजल संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के श्रम विभाग ने रविवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही सरकारी और निजी दफ्तरों को अलग-अलग शिफ्ट में संचालित करने की भी तैयारी की गई है। बताया गया है कि यह व्यवस्था प्रदेश के बड़े संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों में लागू होगी। सरकार का उद्देश्य ईंधन की खपत कम करना, ट्रैफिक दबाव घटाना और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
अलग-अलग शिफ्ट में खुलेंगे दफ्तर
श्रम विभाग की बैठक में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब कार्यालयों को अलग-अलग समय पर खोलने की योजना बनाई गई है, ताकि एक साथ अधिक भीड़ न हो और परिवहन व्यवस्था पर दबाव कम किया जा सके। इसके साथ ही कर्मचारियों को अधिक से अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी आएगी और ऊर्जा बचत में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद लिया गया निर्णय
दरअसल, 10 मई को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम अपनाने, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और अनावश्यक खर्चों से बचने की बात कही थी। इसके बाद 13 मई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। अब श्रम विभाग ने इस दिशा में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
औद्योगिक इकाइयों पर भी होगा असर
सूत्रों के मुताबिक, यह नियम केवल सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि कई बड़ी औद्योगिक इकाइयों में भी लागू किया जाएगा। कंपनियों को कर्मचारियों की संख्या और कार्यप्रणाली के अनुसार शिफ्ट सिस्टम और वर्क फ्रॉम होम मॉडल अपनाने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
यूपी में हफ्ते में दो दिन Work From Home लागू होगा, पेट्रोल-डीजल संकट के बीच श्रम विभाग का बड़ा फैसला
