Yogi Adityanath ने हाल ही में 60 हजार सिपाहियों के पासिंग आउट परेड के दौरान भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि यह भर्ती 112 केंद्रों पर संपन्न हुई और इसमें किसी भी अभ्यर्थी को सिफारिश या धन का सहारा नहीं लेना पड़ा। सभी चयन योग्यता, क्षमता और आरक्षण के नियमों के आधार पर किए गए। उन्होंने इसे प्रदेश में बदलती कार्यप्रणाली का प्रमाण बताते हुए कहा कि अब मेहनत और प्रतिभा ही सफलता का आधार है।
हर योग्य युवा को मिलेगा अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर योग्य और क्षमतावान युवा को अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले कई जिलों में पुलिस लाइन और बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।
प्रदेश में आधुनिक पुलिस ढांचे का विकास हुआ है, जहां हाईराइज बैरक, मॉडल थाने, नए फायर स्टेशन और महिला पुलिस बटालियन स्थापित की गई हैं। साथ ही एसएसएफ और एसडीआरएफ जैसी विशेष इकाइयों का गठन कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। फॉरेंसिक जांच को सशक्त बनाने के लिए राज्य फॉरेंसिक संस्थान और मोबाइल फॉरेंसिक लैब भी हर जिले में सक्रिय हैं।
कानून व्यवस्था से ही विकास संभव
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून का राज ही विकास की पहली गारंटी होता है। प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश का माहौल बना है और देश-विदेश के निवेशक उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने पुलिस कर्मियों को फिट रहने और बेहतर संचार प्रणाली अपनाने की सलाह दी, ताकि वे प्रभावी तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।
पहले होती थी भेदभाव और लेन-देन की शिकायत
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रियाएं पारदर्शी नहीं होती थीं और उनमें भेदभाव व लेन-देन की शिकायतें आती थीं। लेकिन अब ऐसा माहौल बनाया गया है, जहां योग्य व्यक्ति को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने युवाओं से ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया और कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने पुलिस भर्ती को लेकर कह दी ये बड़ी बातें…
