छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के जानराय टोरिया में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां 51 फीट ऊंची और करीब 171 क्विंटल वजनी अष्टधातु से निर्मित भगवान हनुमान की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे और विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। सुबह से ही आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। आसपास के गांवों के साथ-साथ दूर-दराज के शहरों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आयोजकों के मुताबिक, दोपहर से लेकर देर शाम तक करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
गैस किल्लत बनी चुनौती, परंपरा बनी समाधान
इस भव्य आयोजन के बीच एलपीजी गैस की कमी एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आई। भंडारे के लिए पर्याप्त गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो सके, जिससे भोजन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। ऐसे में आयोजकों ने पारंपरिक तरीका अपनाते हुए जमीन में बड़ी-बड़ी भट्टियां तैयार कर लकड़ी से भोजन बनाना शुरू किया।
गांव-गांव से जुटी लकड़ी, दिन-रात चलता रहा भंडारा
भोजन तैयार करने के लिए गांवों और आसपास के जंगलों से सूखी लकड़ियां इकट्ठा की गईं। इन्हीं लकड़ियों से विशाल भट्टियों को जलाकर हजारों लोगों के लिए भोजन और प्रसाद तैयार किया गया। यह भंडारा 24 मार्च से लगातार चल रहा है और प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु इसमें शामिल हो रहे हैं। हनुमान जन्मोत्सव के दिन श्रद्धालुओं की संख्या में विशेष बढ़ोतरी दर्ज की गई। आयोजकों का कहना है कि जब तक श्रद्धालु आते रहेंगे, तब तक भंडारा जारी रहेगा। यह आयोजन न केवल आस्था का केंद्र बना है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में पारंपरिक तरीकों की उपयोगिता का भी जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
हनुमान मंदिर की प्रतिमा स्थापना के भंडारे में दिखी LPG की किल्लत, लकड़ियों पर बन रहा खाना
