स्मार्ट मीटर के ख़िलाफ़ किसानों का हल्ला-बोल, जालौन में बिजलीघर घेरा

जालौन: कुठौंद विकास खंड में सोमवार सुबह करीब 11 बजे उस समय माहौल अचानक गरमा गया, जब दर्जनों किसान अपनी परेशानियों को लेकर सड़कों पर उतर आए। गुस्साए किसानों ने एकजुट होकर उपखंड बिजलीघर कुठौंद का घेराव किया और स्मार्ट मीटरों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

किसानों के चेहरों पर नाराजगी साफ झलक रही थी। उनका कहना था कि जिन स्मार्ट मीटरों को सुविधा के नाम पर लगाया जा रहा है, वे उनके लिए नई परेशानी बनते जा रहे हैं। आरोप है कि इन मीटरों के चलते बिजली बिलों में अनियमितताएं बढ़ गई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कई किसानों ने यह भी कहा कि सीमित आय में बढ़ते बिल उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने उपखंड अधिकारी (एसडीओ) से साफ मांग रखी कि स्मार्ट मीटरों को तुरंत हटाया जाए और पुरानी मीटर व्यवस्था को बहाल किया जाए। उनका कहना था कि जब तक पारदर्शिता और भरोसा नहीं होगा, तब तक नई तकनीक स्वीकार करना मुश्किल है।

      किसानों ने बिजलीघर कुठौंद का घेराव किया



स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। थाना प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे के निर्देश पर उप निरीक्षक हर्ष वर्धन त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और बाद में स्वयं थाना प्रभारी भी पुलिस बल के साथ बिजलीघर पहुंचे।

पुलिस ने संयम और समझदारी के साथ स्थिति को संभाला और प्रदर्शनकारियों को शांत करते हुए वार्ता का रास्ता निकाला।
इस बीच उपखंड अधिकारी निखिल जिंदल ने किसानों से बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी सभी शिकायतों और मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने इस मामले में उचित निर्णय के लिए 24 घंटे का समय मांगा, जिस पर फिलहाल किसान शांत हो गए।

हालांकि कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल जरूर बना, लेकिन प्रशासन की तत्परता से हालात जल्द सामान्य हो गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।

किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने से पीछे नहीं हटेंगे। ऐसे में यह मुद्दा अब प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है, जहां तकनीक और आमजन के भरोसे के बीच संतुलन बनाना जरूरी हो गया है।

About बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो

View all posts by बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *