दतिया: दतिया में मंगलवार सुबह एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया। वार्ड नंबर-1 के भाजपा पार्षद कल्लू कुशवाहा की मंदिर से लौटते समय दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड के पीछे पुरानी चुनावी रंजिश और बदले की भावना मुख्य वजह बताई जा रही है।
पहले से दी जा रही थी धमकी
मृतक के भाई शेरू कुशवाहा के मुताबिक, मुख्य आरोपी छोटू उर्फ पंकज कुशवाहा अक्सर कहता था—“31 मार्च को कुछ बड़ा होगा, यह दिन खाली नहीं जाएगा।” वह अपने मामा की हत्या का बदला लेने की बात भी कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुका था। हालांकि, उस समय किसी ने इस धमकी को गंभीरता से नहीं लिया।
सुबह मंदिर से लौटते वक्त हमला
घटना मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे सेवढ़ा चुंगी चौराहे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कल्लू कुशवाहा रोज की तरह सुबह टहलने के बाद हनुमान मंदिर में दर्शन कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान दो बाइक पर सवार बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी। हमलावरों ने दो गोलियां चलाईं—एक सिर में और दूसरी पीठ में लगी। गोली लगते ही पार्षद मौके पर ही गिर पड़े।
10 साल पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
इस हत्याकांड की जड़ें करीब 10 साल पुरानी दुश्मनी से जुड़ी हैं। साल 2016 में बालकिशन नामक व्यक्ति की संदिग्ध मौत हुई थी, जिसे पहले सड़क हादसा माना गया। बाद में जांच में खुलासा हुआ कि यह हत्या थी और कार से कुचलकर वारदात को अंजाम दिया गया था। इस मामले में कल्लू कुशवाहा समेत छह लोगों को दोषी मानते हुए कोर्ट ने 12 फरवरी 2025 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
जमानत पर बाहर आने के बाद बनी टारगेट
कल्लू कुशवाहा हाल ही में हाई कोर्ट से जमानत पर बाहर आए थे। वे हर मंगलवार संकट मोचन हनुमान मंदिर में दर्शन करने जाते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी छोटू कई दिनों से उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहा था और मौका मिलते ही उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की स्थिति
शेरू कुशवाहा की तहरीर पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से मुख्य आरोपी छोटू और सुधीर ने सरेंडर कर दिया है, जबकि अन्य आरोपियों—गोलू, उमेश कुशवाह और प्रवीण वाल्मीकि—की तलाश जारी है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है।
दतिया ह*त्याकांड: “31 मार्च को कुछ बड़ा होगा” की धमकी हुई सच, भाजपा पार्षद की गोली मारकर ह*त्या
