जालौन: समाजवादी पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस और सपा आमने-सामने आ गए हैं। उरई में आयोजित प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर सहित 35 नामजद नेताओं और करीब 200 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन बिना वैधानिक अनुमति के किया गया, जिससे यातायात व्यवस्था बाधित हुई और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उरई कोतवाली में दर्ज एफआईआर के अनुसार सोमवार को बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, घरेलू गैस सिलेंडर के दाम, बिजली दरों में वृद्धि और विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर जुलूस निकाला।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने शहर के प्रमुख मार्गों से होकर मार्च किया, जिसके कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ। आरोप है कि जुलूस के चलते आम लोगों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को कई बार नियमों का पालन करने और मार्ग खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन वे आगे बढ़ते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गए।
एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर नारेबाजी और प्रदर्शन के कारण वहां मौजूद फरियादियों और अन्य लोगों को परेशानी हुई। साथ ही उस समय जनपद में पुलिस भर्ती परीक्षा आयोजित होने के कारण अभ्यर्थियों के आवागमन पर भी असर पड़ने की बात कही गई है।
पुलिस प्रशासन के मुताबिक जनपद में उस समय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 प्रभावी थी। इस दौरान बिना अनुमति भीड़ जुटाने, धरना देने अथवा जुलूस निकालने पर प्रतिबंध था। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने पुलिस के आरोपों को खारिज किया है। सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर का कहना है कि प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से किया गया था और इसके लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति प्राप्त की गई थी। उनका दावा है कि कार्यक्रम से संबंधित अनुमति तीन दिन पहले ही सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से ली गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मुकदमा दर्ज होने की आधिकारिक जानकारी अभी प्राप्त नहीं हुई है।
मामले पर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कहा कि जनपद में धारा 163 लागू होने के दौरान लंबा जुलूस निकालना नियमों का उल्लंघन माना गया। इसी आधार पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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