जालौन: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद का जालौन दौरा गुरुवार को उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब पार्टी के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मंच पर ही उनकी प्रदेश सचिव भरत लाल से तीखी बहस हो गई। कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
स्वागत के दौरान हुआ विवाद
कालपी विधानसभा क्षेत्र स्थित श्याम पैलेस में आयोजित बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान डॉ. संजय निषाद का स्वागत और माल्यार्पण किया जा रहा था। इसी दौरान मंच की व्यवस्था को लेकर विवाद की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदेश सचिव भरत लाल ने मंच पर मौजूद कुछ महिलाओं को हटाने की बात कही। इस टिप्पणी पर डॉ. संजय निषाद नाराज हो गए और उन्होंने सार्वजनिक रूप से भरत लाल को फटकार लगा दी। देखते ही देखते दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। स्थिति को संभालने के लिए मंच पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हस्तक्षेप करना पड़ा।
कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का मुद्दा भी उठा
बताया गया कि बहस के दौरान भरत लाल ने कहा कि वह लंबे समय से संगठन के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, लेकिन समर्पित कार्यकर्ताओं को उनकी मेहनत के अनुरूप जिम्मेदारी और अवसर नहीं मिल रहे हैं। इस पर डॉ. संजय निषाद ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए संगठन में अनुशासन और जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया। उनका यह बयान भी वीडियो में सुनाई दे रहा है।
‘गद्दारों’ पर कार्रवाई का संकेत
सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. संजय निषाद ने कहा कि पिछले चुनावों में कुछ सीटों पर पार्टी की जीत लगभग तय थी, लेकिन संगठन के भीतर कुछ लोगों की वजह से नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोगों की जानकारी संगठन के पास है और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर चंदा प्रकरण पर भी बोले
मीडिया से बातचीत में मंत्री ने अयोध्या से जुड़े राम मंदिर चंदा प्रकरण पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की अपील
अपने संबोधन में डॉ. संजय निषाद ने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निषाद समाज के अधिकारों की रक्षा और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए संगठन की एकजुटता आवश्यक है। साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में अभी से जुटने का संदेश भी दिया।
दूसरी ओर, प्रदेश सचिव भरत लाल ने दोहराया कि संगठन के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिल रहा है। उनका कहना था कि टिकट वितरण और जिम्मेदारियों में वर्षों से काम कर रहे लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
संजय निषाद बोले: काम तो तुम्हारा बाप भी करेगा
