दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया में भाजपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष माधवेंद्र सिंह परिहार के स्वागत कार्यक्रम में संगठन की नई शुरुआत के साथ स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी चर्चा में रहे। गुरुवार को रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ स्वागत जुलूस पीतांबरा पीठ पहुंचा। इसके बाद शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कार्यक्रम भाजपा कार्यालय में पहुंचकर समाप्त हुआ। स्वागत कार्यक्रम में पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, भाजपा नेता आशुतोष तिवारी और सेवड़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मंच पर एक कुर्सी का फासला चर्चा में रहा
कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यालय के मंच पर डॉ. नरोत्तम मिश्रा और आशुतोष तिवारी के बीच एक कुर्सी का अंतर दिखाई दिया। यह कुर्सी सेवड़ा नगर परिषद अध्यक्ष के पति गोविंद सिंह नागिल के लिए रखी गई थी। हालांकि, किसी नेता की ओर से इस व्यवस्था को लेकर कोई सार्वजनिक टिप्पणी सामने नहीं आई, लेकिन कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच यह व्यवस्था चर्चा का विषय जरूर बनी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब विधानसभा उपचुनाव के बाद दतिया भाजपा में संगठनात्मक बदलाव हुए हैं। पार्टी ने करीब डेढ़ महीने बाद माधवेंद्र सिंह परिहार को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। अब उनके सामने नई जिला टीम के गठन और संगठन में समन्वय बढ़ाने की जिम्मेदारी है।
पीतांबरा पीठ में जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के साथ लगाई दौड़
स्वागत कार्यक्रम के दौरान पीतांबरा पीठ परिसर में एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। माधवेंद्र सिंह परिहार ने अचानक कार्यकर्ताओं के साथ दौड़ लगानी शुरू कर दी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जो उनके साथ दौड़ेगा, वही उनकी टीम में पदाधिकारी बनेगा। इसके बाद कई कार्यकर्ता भी उनके साथ दौड़ते दिखाई दिए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा हो रही है।
परिहार बोले- व्यक्ति नहीं, पार्टी के प्रति निष्ठा जरूरी
भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए माधवेंद्र सिंह परिहार ने संगठन में अनुशासन और सक्रियता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता की निष्ठा किसी व्यक्ति विशेष के बजाय पार्टी के प्रति होनी चाहिए। परिहार ने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने वर्ष 1995 में जिला प्रवक्ता के रूप में काम शुरू किया था। इसके बाद 1998 में उन्हें युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने कहा कि राजनीति में आगे बढ़ने के लिए केवल व्यक्तिगत संपर्क पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि संगठन के लिए लगातार काम करना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिकारियों के साथ बातचीत के तरीके और व्यवहार को लेकर प्रशिक्षण देने की बात भी कही।
‘परिक्रमा नहीं, काम करने पर ध्यान दें’
नए जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को सलाह देते हुए कहा कि भाजपा में किसी व्यक्ति की परिक्रमा करने के बजाय संगठन के लिए काम करने की कोशिश होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में परिस्थितियां बदलती रहती हैं, इसलिए कार्यकर्ताओं को अपने मूल्यों और अनुशासन से नहीं भटकना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत संबंधों को खराब न करने और सभी लोगों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने की भी अपील की।
अंतिम समय तक खुद को नहीं थी अध्यक्ष बनने की जानकारी
माधवेंद्र सिंह परिहार ने जिलाध्यक्ष बनाए जाने की प्रक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष की ओर से उन्हें रात में फोन आया था। इसके अगले दिन उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय बुलाया गया। परिहार के मुताबिक, अंतिम समय तक उन्हें भी यह जानकारी नहीं थी कि उन्हें दतिया भाजपा की कमान सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा में सामान्य कार्यकर्ता के काम और आचरण पर भी संगठन की नजर रहती है और अलग-अलग स्तर पर उसकी जिम्मेदारियों का आकलन किया जाता है।
अब नई जिला टीम पर नजर
दतिया भाजपा में उपचुनाव के बाद संगठनात्मक बदलाव के बीच माधवेंद्र सिंह परिहार को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। अब उनकी अगली बड़ी जिम्मेदारी जिला कार्यकारिणी का गठन और अलग-अलग स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना होगी। स्वागत कार्यक्रम में नेताओं की मौजूदगी के साथ मंच की व्यवस्थाओं और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों ने स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं को जरूर जगह दी, लेकिन संगठन की वास्तविक दिशा आने वाले दिनों में नई कार्यकारिणी और उसके कामकाज से ज्यादा स्पष्ट होगी।
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