छतरपुर: मध्य प्रदेश के खजुराहो क्षेत्र के राजनगर विधानसभा अंतर्गत तालगांव के रहने वाले शाहिल खान ने अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर वह मुकाम हासिल किया है, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। शाहिल का चयन राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में हुआ है और अब वे आगामी श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।
शाहिल की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी बनने की नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों से लड़कर सपनों को साकार करने की मिसाल है। उनके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि उनकी मां ने दिल्ली में निर्माण स्थलों पर काम करके घर को संभाला। आर्थिक तंगी के बीच शाहिल ने बचपन में गांव-गांव जाकर बर्फ बेचकर परिवार की मदद की।

दिव्यांग होने के बावजूद शाहिल ने कभी हार नहीं मानी। सीमित संसाधनों और कठिन हालात के बीच उन्होंने क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को जिंदा रखा और लगातार अभ्यास करते हुए आज राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गए। उनकी यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।
शाहिल के चयन की खबर मिलते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया ने वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शाहिल ने पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शाहिल अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश और बुंदेलखंड का नाम रोशन करेंगे।
ग्रामीणों और शुभचिंतकों को शाहिल से बड़ी उम्मीदें हैं। उनका यह सफर उन युवाओं के लिए एक संदेश है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।

