जालौन: नवरात्रि की आस्था, पुस्तकों का संसार और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम गुरुवार की रात गोपालपुरा में देखने को मिला। ज्ञान कुटीर पुस्तकालय एवं हेल्पिंग हट संस्था की ओर से नवरात्रि पंचमी के अवसर पर आयोजित ‘ज्ञान उत्सव 2026’ में लगभग 500 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में 100 से अधिक पुस्तकों का वितरण किया गया।
बड़ी माता मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में पढ़ने की संस्कृति को प्रोत्साहित करना और ज्ञान को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना था। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने सक्रिय रुचि दिखाई। कई ग्रामीणों ने नियमित रूप से पुस्तकालय आने और पढ़ने का संकल्प लिया।
ज्ञान कुटीर पुस्तकालय में सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यहाँ कोई भी व्यक्ति आकर पुस्तकें पढ़ सकता है अथवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकता है। धार्मिक साहित्य, उपन्यास, सामान्य ज्ञान की पुस्तकें और परीक्षा संबंधी सामग्री सहित विविध प्रकार के संसाधन विद्यार्थियों, युवाओं और सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण वर्चुअल रियलिटी (वीआर) के माध्यम से महाकाल के दर्शन का अनुभव रहा। गाँव के लोगों के लिए यह नया और रोमांचक अनुभव था। इसके साथ ही द हिंदू द्वारा इस वर्ष तैयार किए गए स्वतंत्रता संग्राम काल के ऐतिहासिक अखबार के पुनर्मुद्रित संस्करण ने भी लोगों में उत्सुकता जगाई।
वितरित सामग्री में दुर्गा चालीसा, अखंड ज्योति, कल्याण और योग मंजरी पत्रिकाओं के साथ बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक पुस्तकें शामिल थीं। आयोजकों का मानना है कि पुस्तकें केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं, बल्कि नए विचारों, इतिहास और संस्कृति की समझ विकसित करती हैं।
कार्यक्रम की सफलता में स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उपेंद्र, प्रांजल, अंशिका, शनि, रेहान, सृष्टि चौहान, भूमि, देव, मुकुल, सृष्टि गुप्ता, श्रद्धा, सौम्या, राशि, निशी, दिव्या, वीरू, अंशु, शिवा सहित अन्य स्वयंसेवकों ने तैयारी से लेकर वितरण तक सक्रिय सहयोग दिया।
ज्ञान कुटीर पुस्तकालय का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना, बच्चों में किताबों के प्रति रुचि जगाना और सभी आयु वर्ग को पठन-पाठन से जोड़ना है। आयोजक इसे आगे भी जारी रखने और अधिक लोगों तक पहुँचाने की योजना बना रहे हैं।
‘एक पुस्तक, एक नई सोच, एक बेहतर भविष्य’ के संदेश के साथ आयोजित इस ज्ञान उत्सव ने गोपालपुरा में पुस्तकों के माध्यम से शिक्षा और जागरूकता की नई शुरुआत की उम्मीद जगाई है।
हेल्पिंग हट NGO कर रहा कमाल, गोपालपुरा में हुआ ज्ञान उत्सव
