झांसी: जिला जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को सोमवार को प्रयागराज की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट की कार्रवाई पूरी होने के बाद देर रात पुलिस की कड़ी सुरक्षा में उसे वापस झांसी जेल लाया गया। जेल पहुंचने के दौरान मीडिया ने अली से बातचीत करने की कोशिश की। इस पर उसने कहा, “लंबा सफर था भैया… कुछ नहीं कहना चाहेंगे।” जब अली से पूछा गया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उसके परिवार से कोई चुनाव मैदान में उतरेगा या नहीं, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसी दौरान पुलिस वाहन में मौजूद सुरक्षाकर्मी ने तिरपाल डाल दी। इसके बाद अली से मीडिया की बातचीत नहीं हो सकी और पुलिस उसे सीधे जेल परिसर के अंदर ले गई।
2023 के मुकदमे में प्रयागराज कोर्ट में हुई पेशी
अली अहमद को 2023 में करेली थाने में पांच लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की सुनवाई के सिलसिले में प्रयागराज कोर्ट में पेश किया गया था। उसे सोमवार सुबह करीब 6 बजे झांसी जिला जेल से पुलिस सुरक्षा में प्रयागराज के लिए रवाना किया गया। अली के काफिले के कौशांबी के सैनी कोतवाली क्षेत्र में पहुंचने पर पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों की चेकिंग की। इसी दौरान अतीक अहमद के दूसरे बेटे अहजम अहमद की गाड़ी को भी रोका गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की और वाहन की जांच के बाद उसे आगे जाने दिया। कोर्ट में पेशी के बाद अली को देर रात फिर कड़ी सुरक्षा के बीच झांसी लाया गया।
झांसी जेल भेजे जाने पर अली ने उठाए थे सवाल
प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल से झांसी स्थानांतरित किए जाने के बाद अली अहमद ने जेल प्रशासन और सरकार पर कई आरोप लगाए थे। उसका कहना था कि नैनी जेल में वह जेल के नियमों के मुताबिक रह रहा था, इसके बावजूद उसे प्रयागराज से दूर झांसी भेज दिया गया। अली ने दावा किया था कि झांसी लाते समय वाहन में पांच से छह लोगों को एक छोटे चैंबर में बैठाकर ले जाया गया और रास्ते में उसे पीने के लिए पानी तक नहीं दिया गया। उसने यह भी सवाल उठाया था कि उसे उसके गृह जिले से इतनी दूर भेजने की जरूरत क्यों पड़ी। जेल में नकदी मिलने के सवाल पर अली ने कहा था कि वह पैसा जेल में इस्तेमाल होने वाले कूपन के लिए था और जेल नियमों के तहत इसकी अनुमति है। उसने अधिवक्ताओं के जरिए होने वाली मुलाकातों को भी जेल मैनुअल के मुताबिक बताया था।
अली ने मुख्यमंत्री से लगाई थी सुरक्षा की गुहार
झांसी शिफ्ट किए जाने के बाद मीडिया से बातचीत में अली ने दावा किया था कि वह दिल्ली में कानून की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। उसने यह भी कहा था कि जेल में रहने के दौरान उसके खिलाफ कई और मुकदमे दर्ज किए गए। अली ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी। उसने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा था कि सरकार के नाम पर कुछ लोग उसे परेशान कर रहे हैं और उसे इससे बचाया जाए।
अली पर 11 मुकदमे दर्ज होने का दावा
अतीक अहमद के बेटे अली अहमद के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 23 वर्षीय अली पर कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी मांगने जैसे आरोपों से जुड़े मामले शामिल हैं। बताया गया है कि इनमें से नौ मामलों में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जबकि दो मामलों में जांच अभी जारी है। अली की प्रयागराज कोर्ट में पेशी और उसके बाद झांसी जेल वापसी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। 2027 के चुनाव को लेकर परिवार की राजनीतिक भूमिका से जुड़े सवाल पर उसकी चुप्पी ने भी चर्चा को बढ़ा दिया है।
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