नई दिल्ली। बुंदेलखंड में लंबे समय से चल रहे आंदोलन और विकास परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासी, किसान तथा ग्रामीण परिवारों की आवाज़ अब दिल्ली पहुँच गई है। कुछ दिन पहले एक प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी से मुलाकात कर केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित क्षेत्र की कई परियोजनाओं से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा।
प्रतिनिधिमंडल में अमित भटनागर और प्रभावित परिवारों के लोग शामिल थे। उन्होंने केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगवां मध्यम सिंचाई परियोजना, रुंझ डैम, नेगुवा परियोजना तथा NTPC जैसी अन्य परियोजनाओं के कारण हो रहे विस्थापन, अपर्याप्त मुआवज़े, पुनर्वास की कमियों और पर्यावरणीय नुकसान की बात कही। साथ ही जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अधिकारों के मुद्दे भी उठाए गए।
प्रतिनिधिमंडल ने साफ कहा कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं। उनकी माँग है कि विकास ऐसा हो जिसमें स्थानीय आदिवासी और किसान अपने अधिकारों से वंचित न हों, पर्यावरण की कीमत पर काम न हो और किसी परिवार के साथ अन्याय न हो। बुंदेलखंड में इन परियोजनाओं के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन चल रहा है और पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने प्रतिनिधिमंडल की बातें ध्यान से सुनीं। उन्होंने इन मुद्दों को संसद (सदन) में उठाने का आश्वासन दिया और कहा कि वे खुद चलकर बुंदेलखंड जाकर यथास्थिति का जायजा लेंगे। इस भरोसे से प्रतिनिधिमंडल में उम्मीद जगी है कि बुंदेलखंड के इन सवालों को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से आवाज़ मिलेगी।

