जालौन: सदर क्षेत्र की बहुमूल्य सरकारी नजूल भूमि पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। करोड़ों रुपये कीमत वाली इस भूमि को लेकर तत्कालीन SDM रिंकू सिंह राही ने जिलाधिकारी को विस्तृत पत्र भेजते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला गाटा संख्या 892 से संबंधित सरकारी नजूल भूमि का है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रारंभिक जांच, राजस्व अभिलेखों के परीक्षण तथा मौके के निरीक्षण में भूमि को सरकारी नजूल संपत्ति माना गया है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि संबंधित भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कराया गया। इसके अलावा करीब 10 हजार वर्गफुट क्षेत्र में लगभग 8 फीट तक खुदाई किए जाने और वहां से मिट्टी का अवैध रूप से उठान एवं विक्रय किए जाने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी से पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराने, सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा विशेष जांच दल (SIT) गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की सिफारिश की गई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि जांच कराई जाती है तो प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ-साथ नगर पालिका के कुछ अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जाए।
फिलहाल इस मामले में अंतिम निर्णय जिला प्रशासन के स्तर पर लंबित है। प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। यह लेटर 22 जून 2026 का है, जो अब वायरल हो रहा है।
जालौन में करोड़ों की सरकारी नजूल भूमि पर कब्जे का मामला गरम, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने SIT जांच और FIR की सिफारिश
