जालौन: विधि जगत में शुक्रवार की देर रात नई कार्यकारिणी की तस्वीर साफ हो गई. जिला जालौन अधिवक्ता संघ उरई के वार्षिक चुनाव परिणाम घोषित होते ही अधिवक्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला. इस बार नेतृत्व की कमान अनुभवी और नए चेहरों के संतुलन के साथ तय हुई है. 27 फरवरी को संपन्न हुए मतदान में कुल 1478 पंजीकृत मतदाताओं में से 1171 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. शांतिपूर्ण माहौल में हुई मतगणना देर रात तक चली और एल्डर्स कमेटी की निगरानी में परिणामों की आधिकारिक घोषणा की गई.
अध्यक्ष पद पर स्पष्ट जीत
अध्यक्ष पद के लिए हुए मुकाबले में ऋषि कुमार पटेल ने 681 मत प्राप्त कर निर्णायक जीत दर्ज की. उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी उदय शंकर द्विवेदी ‘राजा’ को 377 मत मिले. अन्य प्रत्याशियों में विशंभर दयाल जाटव को 98 और शशि कुमार द्विवेदी को 8 मत प्राप्त हुए. इस पद पर 7 मत अवैध घोषित किए गए. भारी मतों के अंतर ने स्पष्ट कर दिया कि अधिवक्ताओं ने नेतृत्व में स्थिरता और सक्रियता को प्राथमिकता दी है.
महासचिव पद पर साधना त्रिपाठी विजयी
महासचिव पद पर साधना त्रिपाठी ने 518 मतों के साथ जीत हासिल की. उनके प्रतिद्वंद्वी पंकज गुप्ता को 458 और राम जी को 189 मत प्राप्त हुए. इस पद पर 6 मत अवैध पाए गए. साधना त्रिपाठी की जीत को अधिवक्ता संघ में महिला नेतृत्व की मजबूत उपस्थिति के रूप में देखा जा रहा है.

कोषाध्यक्ष और अन्य पदों का परिणाम
कोषाध्यक्ष पद पर कुमार गौरव श्रीवास्तव ने 551 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की. लक्ष्मीकांत पाठक को 335 और विजेंद्र सिंह को 241 मत मिले. इस पद पर 44 मत अवैध घोषित हुए. कनिष्ठ सदस्य पद पर अनुराधा ने सर्वाधिक 712 मत प्राप्त किए. अस्मिता रत्ना को 544, शिवम गुप्ता को 509, प्रवीण कुमार द्विवेदी को 368, शशि कुमार सिंह को 357 और अभिषेक वर्मा को 341 मत मिले. संयुक्त सचिव पद पर मुलायम सिंह यादव, प्रद्युम्न सिरौठिया और रितिक दुबे उर्फ सनी विजयी घोषित किए गए.
उपाध्यक्ष पद पर संजीव तिवारी ‘सीटू’ ने 669 मत प्राप्त कर 354 मतों के अंतर से जीत हासिल की. कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर अनम वर्मा 371 मत पाकर 45 मतों से विजयी रहीं. वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर कर्मक्षेत्र अवस्थी ने 514 मतों के साथ 11 मतों के अंतर से जीत दर्ज की. उपाध्यक्ष कलेक्ट्रेट पद पर ओम नारायण सिंह 373 मतों के साथ 94 मतों से विजयी घोषित किए गए.
पारदर्शी प्रक्रिया में हुआ चुनाव
मतगणना की निगरानी एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष लाजपत राय सक्सेना के नेतृत्व में की गई. चुनाव समिति की देखरेख में सभी विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए. शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया ने अधिवक्ता संघ की लोकतांत्रिक परंपरा को मजबूत किया है. नई कार्यकारिणी से अधिवक्ताओं को संगठनात्मक मजबूती, पेशेवर हितों की रक्षा और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय पहल की उम्मीद है.

