आर्मी जवान सुरजीत के घर हुई डकैती का पुलिस ने खुलासा किया, छह आरोपी गिरफ्तार

जालौन: उरई में एक आर्मी जवान के घर हुई डकैती ने पूरे इलाके को हिला दिया था. जिस घर का बेटा देश की सीमाओं पर तैनात होकर सुरक्षा करता है, उसी घर में घुसकर बदमाशों ने खौफ का मंजर खड़ा कर दिया था. लेकिन अब इस वारदात पर कानून का शिकंजा कस चुका है. उरई कोतवाली क्षेत्र में 19 फरवरी 2026 को आर्मी जवान सुरजीत के घर हुई डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. कोतवाली उरई पुलिस और जालौन स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. 

बदले की आग में रची गई साजिश
पुलिस लाइन उरई में खुलासा करते हुए एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि यह वारदात अचानक नहीं थी, बल्कि बदले की भावना से रची गई साजिश थी. मुख्य आरोपी दुर्गा देवी ने पूछताछ में कबूल किया कि वर्ष 2024 में वह पीड़ित परिवार के पड़ोस में किराये पर रहती थी. उस दौरान हुए विवाद ने उसके मन में प्रतिशोध की आग भर दी. जनवरी 2026 में मकान खाली करने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती की योजना बनाई. बदले की इसी भावना ने एक परिवार की शांति छीन ली.

ऐसे हुआ खुलासा
फौजी की पत्नी पिंकी की तहरीर पर कोतवाली उरई में बीएनएस की धारा 310(2)/317(3) और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. घटना की गंभीरता को देखते हुए तीन टीमें गठित की गईं. इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और जमीनी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ी. 23 फरवरी की रात मुखबिर की सूचना पर इकलासपुरा चौराहे के पास श्मशान घाट के पीछे कच्चे रास्ते से छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार आरोपियों में खलक सिंह उर्फ खेमा, कल्लू राजपूत, सुरेन्द्र राजपूत, वीर सिंह, अमित राजपूत और दुर्गा देवी शामिल हैं. 

बरामद हुए हथियार और लूटा गया सामान
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 66 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, राउटर, डीवीआर, दो सब्बल, चार तमंचे और 315 बोर के सात जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. आरोपियों ने स्वीकार किया कि लूट की रकम में से 20 हजार रुपये खर्च कर चुके थे और कुछ गहने बेचकर नकदी जुटाई थी. जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह आगे और वारदात की योजना बना रहा था. मुख्य आरोपी सहित कई अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी है और उन पर हत्या के प्रयास, चोरी, गैंगस्टर व आर्म्स एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं.

पुलिस की बड़ी सफलता
समय रहते की गई कार्रवाई ने न केवल एक बड़ी आपराधिक साजिश को रोका, बल्कि यह संदेश भी दिया कि कानून से बड़ा कोई नहीं. जिस परिवार पर हमला हुआ, उसके जख्म भले गहरे हों, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी से उन्हें न्याय की उम्मीद जरूर मिली है. जालौन पुलिस की इस कार्रवाई को जनपद की बड़ी सफलता माना जा रहा है. सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. 


About बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो

View all posts by बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *