सागर: बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की पुरानी मांग अब एक बार फिर तेज हो गई है। बुंदेलखंड राज्य निर्माण मोर्चा की तरफ से निकाली जा रही जन आक्रोश रथ यात्रा को इलाके के लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में यह यात्रा 16 फरवरी 2026 को चित्रकूट के कामतानाथ मंदिर (वनवासी राम की नगरी) से शुरू हुई। यह 13 मार्च 2026 तक चलेगी और ओरछा धाम (रामराजा सरकार की पावन भूमि) में समाप्त होगी।
यात्रा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के कई जिलों से गुजरेगी। मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि यात्रा का मुख्य मकसद क्षेत्र की उपेक्षा, पानी की किल्लत, बेरोजगारी और विकास में असमानता जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाना है।
सागर में मशाल जुलूस और हुंकार
यात्रा गुरुवार को सागर के कटरा इलाके से निकली। कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल जलाकर सड़कों पर जुलूस निकाला। सबने मिलकर नारे लगाए – “बुंदेलखंड तो लेंगे, जैसे दोगे वैसे लेंगे”। कार्यकर्ताओं ने अलग राज्य की मांग को दोहराते हुए जोश दिखाया। भानू सहाय ने कहा कि बुंदेलखंड का पूरा विकास तभी संभव है जब अलग राज्य बने। उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। अगर केंद्र और राज्य सरकारों ने मांग पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो और बड़ा जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।
लंबे समय से चली आ रही मांग
बुंदेलखंड उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में फैला है। यहां क्षेत्रीय असंतुलन, सिंचाई-पेयजल की समस्या, पलायन और उद्योगों की कमी जैसी दिक्कतें सालों से बनी हुई हैं। इसलिए अलग राज्य की मांग बार-बार उठती है। लेकिन अब तक कोई ठोस संवैधानिक कदम नहीं उठा है। 13 मार्च को ओरछा में होने वाले समापन कार्यक्रम में आगे की रणनीति और बड़े ऐलान हो सकते हैं।
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