जालौन: नगर के शिक्षा जगत के लिए यह एक अहम और ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है. सेठ वीरेंद्र कुमार पब्लिक स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से इंटरमीडिएट स्तर तक की औपचारिक संबद्धता प्राप्त हो गई है. इस उपलब्धि की घोषणा को लेकर विद्यालय परिसर में एक पत्रकार वार्ता आयोजित की गई, जहां विद्यालय प्रबंधन ने विस्तार से अपनी शैक्षिक सोच और भविष्य की योजनाओं को साझा किया.
पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. नितिन मित्तल ने कहा कि शिक्षा उनके परिवार की परंपरा और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों का हिस्सा रही है. उन्होंने बताया कि 1980 के दशक में उनके पूर्वजों ने नगर में शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना में सहयोग किया था. उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2008 में सेठ वीरेंद्र कुमार स्नातकोत्तर महाविद्यालय की नींव रखी गई, जिसने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नगर को नई पहचान दिलाई.
डॉ. मित्तल ने कहा कि अब इसी शैक्षिक विरासत को और मजबूत करते हुए सेठ वीरेंद्र कुमार पब्लिक स्कूल को सीबीएसई बोर्ड से इंटरमीडिएट तक की मान्यता मिलना नगर के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा अवसर है. विद्यालय में विज्ञान, वाणिज्य और कला तीनों संकायों की कक्षाएं संचालित की जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने ही नगर में गुणवत्तापूर्ण सीबीएसई शिक्षा उपलब्ध होगी.
उन्होंने जानकारी दी कि आगामी शैक्षिक सत्र से कक्षा नौ और कक्षा 11 की पढ़ाई शुरू की जाएगी. विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया मार्च माह से प्रारंभ की जाएगी. स्कूल में आधुनिक शिक्षण तकनीक, बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुभवी शिक्षकों की टीम और सह-शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि संस्था का लक्ष्य केवल अच्छे परीक्षा परिणाम हासिल करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारवान, अनुशासित और प्रतिस्पर्धी बनाना है, ताकि वे भविष्य की हर चुनौती का सामना आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों के साथ कर सकें. इस अवसर पर सीओ शैलेंद्र बाजपेई, दीपक मित्तल, पुनीत मित्तल सहित कई गणमान्य नागरिक और शिक्षा से जुड़े लोग उपस्थित रहे.
सेठ वीरेंद्र कुमार पब्लिक स्कूल को सीबीएसई इंटरमीडिएट मान्यता. नगर को मिली बड़ी शैक्षिक सौगात
