झांसी/जालौन: झांसी के एक सराफा कारोबारी पर अपनी पत्नी का अश्लील वीडियो बनाकर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से अपलोड करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने बताया कि मारपीट और प्रताड़ना से बचने के लिए जब वह कमरे में छिप गई, तो पति लोहे की जाल काटकर छत पर पहुंचा और उसे घसीटकर पीटा। सूचना पर पुलिस ने महिला को बचाकर थाने पहुंचाया, लेकिन आरोपी पति पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
महिला आयोग के सामने रोते हुए सुनाई आपबीती
गुरुवार को पीड़िता ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान के समक्ष पूरी घटना बताई. उसकी कहानी सुनकर आयोग अध्यक्ष हैरान रह गईं। उन्होंने तत्काल सीओ उरई अर्चना सिंह से सख्त कार्रवाई करने की बात कही और कहा कि ऐसा आदमी जेल में होना चाहिए. पीड़िता इस समय जालौन के गोहन थाना क्षेत्र में अपने मायके में रह रही है.

शादी के बाद से शुरू हुई दहेज की मांग
पीड़िता की शादी 25 फरवरी 2024 को झांसी के मोंठ कस्बे के महावीरनपुरा निवासी एक कारोबारी से हुई थी. महिला के अनुसार, शादी समारोह के दौरान ही ननद के पति और रिश्तेदारों के लिए सोने की चेन मांगी गई. पिता द्वारा चेन देने से इनकार करने पर ससुराल पक्ष नाराज हो गया। नाराजगी धीरे-धीरे दहेज उत्पीड़न में बदल गई.
अप्रैल और मई में हुई मारपीट की घटनाएं
6 अप्रैल 2024 को ससुराल में उसके साथ मारपीट हुई। परिजनों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ. लेकिन 30 मई 2024 को फिर दहेज की मांग को लेकर पति ने मारपीट शुरू कर दी. महिला खुद को ऊपर कमरे में बंद कर बचने की कोशिश की, लेकिन पति और ससुर ने पहले दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया, फिर आंगन में पड़ी लोहे की जाल काटकर ऊपर पहुंच गए. महिला ने जाल काटते हुए वीडियो बना लिया और पुलिस को भेजा. पुलिस पहुंची, लेकिन पति ने उसे साथ ले जाने से मना कर दिया, जिसके बाद वह अपने मायके चली गई.

फर्जी डकैती का मुकदमा और फिर MMS वायरल
मायके आने के बाद ससुराल पक्ष ने राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल कर मोंठ थाने में पीड़िता और उसके पिता पर फर्जी डकैती का मुकदमा दर्ज करा दिया. पीड़िता ने बताया कि 18 अगस्त 2025 को पति ने उसे वीडियो कॉल कर बातों में फंसाया और अश्लील MMS बना लिया. इसके बाद इसे फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से वायरल कर दिया. सूचना मिलते ही महिला ने पुलिस को शिकायत दी और आईडी बंद कराई.
अब कार्रवाई की मांग तेज
पीड़िता का कहना है कि पति रसूख के बल पर अब तक कार्रवाई से बचता रहा है. महिला आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल गिरफ्तारी की सिफारिश की है.

