झांसी: महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की मॉर्च्यूरी में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है. मृतका क्रांति देवी (26) का शव जब परिजन लेने पहुंचे, तो उसकी एक आंख और कान क्षतिग्रस्त मिले. परिजनों ने आरोप लगाया कि शव पर चूहे और कॉकरोच के काटने के स्पष्ट निशान थे. यह देखकर परिवार आक्रोशित हो उठा और मॉर्च्यूरी स्टाफ पर जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने का आरोप लगाया.
परिजनों का आरोप: पैसे भी लिए और देखभाल भी नहीं की
मृतका के भाई सक्षम पटेल ने बताया कि शव को फ्रीजर में रखने के लिए कर्मचारी ने उनसे 400 रुपये लिए थे. परिवार का कहना है कि जब शव को फ्रीजर में रखा गया था, तब उसकी स्थिति ठीक थी. लेकिन लगभग 18 घंटे बाद जब वे शव लेने पहुंचे, तो कान और आंख बुरी तरह क्षतिग्रस्त थे. परिवार का आरोप है कि यह साफ दिखाता है कि मॉर्च्यूरी में सफाई और सुरक्षा व्यवस्था बेहद लापरवाह है.
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
सीएमएस सचिन माहौर ने कहा कि फ्रीजर में किसी बड़े जानवर के घुसने की संभावना नहीं है, लेकिन छोटे कीड़े या कॉकरोच द्वारा ऐसा नुकसान हो सकता है. उन्होंने मामले की जांच की बात कही और आश्वासन दिया कि सभी पहलू खंगाले जा रहे हैं.
मृतका की कहानी: जहरीला पदार्थ खाने से हुई मौत
क्रांति देवी गुरसराय क्षेत्र की रहने वाली थीं. पारिवारिक विवादों के चलते उन्होंने मायके में जहर खा लिया था. परिजन उन्हें पहले गुरसराय अस्पताल और फिर झांसी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव मॉर्च्यूरी भेजा गया था.
कार्रवाई की मांग
परिवार ने मॉर्च्यूरी स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएमएस से लिखित शिकायत की है. परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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