उर्विजा फ़िर विजयी, पुनः बनीं भाजपा जिलाध्यक्ष जालौन

जालौन: भाजपा ने उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में संगठनात्मक बदलाव करते हुए नए जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी है. इसी क्रम में जालौन जिले में पार्टी ने एक बार फिर उर्विजा दीक्षित को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है. लगातार दूसरी बार यह पद मिलने से साफ है कि नेतृत्व उनकी कार्यशैली और संगठन क्षमता पर भरोसा जताता है.

लोकसभा चुनाव 2024 में जालौन सीट पर भाजपा को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी. चुनावी झटके के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि जिले में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है. लेकिन प्रदेश संगठन ने इन अटकलों को दरकिनार करते हुए उर्विजा दीक्षित पर दोबारा विश्वास जताते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि पार्टी उन्हें मजबूत संगठनकर्ता के रूप में देखती है.

केंद्रीय राज्यमंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा जालौन लोकसभा सीट से चुनाव हार गए थे, जिसके बाद जिला इकाई पर सवाल उठे थे. राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी थी कि जिलाध्यक्ष बदले जा सकते हैं. लेकिन भाजपा ने किसी बदलाव के बजाय मौजूदा नेतृत्व को ही आगे जारी रखने का फैसला किया.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

उर्विजा दीक्षित ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बसपा के साथ की थी. वह पार्टी में सक्रिय कार्यकर्ता रहीं, लेकिन 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद उन्होंने बसपा से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया. उस समय की प्रदेश नेतृत्व टीम ने उनका स्वागत किया और धीरे-धीरे वह संगठन में अहम भूमिका निभाने लगीं. 

उनके पति पीएन दीक्षित हाथरस में CDO पद पर कार्यरत हैं, वहीं उनके पिता ओमप्रकाश शुक्ला का आरएसएस व भाजपा से गहरा जुड़ाव रहा. इसी पारिवारिक वातावरण ने उर्विजा दीक्षित को संगठनात्मक कामों में सक्रिय बनाए रखा और वह लगातार पार्टी संरचना में प्रभावी भूमिका निभाती रहीं. 

About बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो

View all posts by बुंदेलखंड रिपोर्ट ब्यूरो →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *