आरसेटी के डायरेक्टर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बताया निराधार

पिछले दिनों RSETI के डायरेक्टर राकेश त्रिवेदी के ऊपर भ्रष्टाचार, परिवारवाद एवं अन्य आरोप लगे थे. BR की टीम ने जब उनसे मुलाक़ात की तो उन्होंने सभी आरोपो को निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि ये सभी आरोप जो मेरे ऊपर लगाए गए तथा डीएम जालौन को शिकायती पत्र दिया गया है. वो केवल मुझे बदनाम करने की एक साजिश का हिस्सा है.

कैंटीन नियम के अनुसार हो रही संचालित
डायरेक्टर ने कहा कि कैंटीन सेवा मैं० अनिल कैटर्स एवं आरसेटी जालौन के बीच हुए विधिवत अनुबंध के अनुसार संचालित हो रही है. कुल चार आवेदन प्राप्त हुए थे जिन्हें निदेशक, शाखा प्रबंधक तथा भारतीय बैंक के सहायक प्रबंधक की समिति द्वारा जांचकर प्रचलित परंपरा के अनुसार न्यूनतम दर वाले निविदाकर्ता का चयन किया गया है. अतः इस संबंध में लगाये गए सभी आरोप निराधार हैं.

फैकल्टी के अपनी मर्ज़ी से दिया त्यागपत्र
पूर्व संकाय दीपेंद्र नगाइच ने अपने व्यक्तिगत कारणों से त्यागपत्र दिया जो कि अभिलेखों में सुरक्षित है. इसके बाद नियमानुसार प्रतीक्षा सूची में अगले अभ्यर्थी शुभम शुक्ला को कार्पोरेट कार्यालय और नोडल अधिकारी द्वारा नियुक्ति प्रदान की गई. इस प्रकार यह कथन आधारहीन एवं असत्य है.

महिला सशक्तिकरण
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को CIF, CCL तथा सामूहिक ऋण प्रक्रिया के माध्यम से वित्तीय सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ रही है. इस प्रकार दिलाने के नाम पर जो ठगी का आरोप लगाया गया था वह आधारहीन है. जो फ़ोटो पहले प्रसारित की गई थी वह आधारहीन है. 

सांस्कृतिक गतिविधियां होती हैं आयोजित
उन्होंने कहा की प्रशिक्षुओं को सफल उधमियों से मिलने व बाजार संबंधी जानकारी प्राप्त कराने हेतु इकाई भ्रमण कराया जाता है. जिसका पूरा व्यय आरसेटी द्वारा नियमानुसार किया जाता है. कभी अवकाश के दिनों में वह घूमने जाते हैं तो स्वयं के पैसों से जाते हैं. एवं आरसेटी के अंदर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाता है जो कि मूल्य आधारित जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है. अतः उन्होंने कुल 18 पॉइंट्स में अपना स्पष्टीकरण दिया है. उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार एवं तथ्यहीन हैं.

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