झांसी: स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उठी चिंगारी अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। आम उपभोक्ताओं की नाराजगी अब सड़कों पर साफ दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने विपक्षी दलों के साथ मिलकर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसने पूरे मामले को और गरमा दिया।
सुकवा-धुकवा कॉलोनी स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर सैकड़ों लोग एकत्र हुए। यहां प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ नारेबाजी ही नहीं की, बल्कि अपने खून से पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल तक अपनी पीड़ा पहुंचाने की कोशिश की। यह कदम उनके आक्रोश और बेबसी दोनों को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार बिजली के नाम पर जनता का “खून चूस रही है”, और इसी के विरोध में यह प्रतीकात्मक कदम उठाया गया।
स्मार्ट मीटर बना विवाद की जड़
झांसी में बिजली चोरी रोकने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। अब तक करीब 98 हजार मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 83 हजार को प्रीपेड सिस्टम में बदला जा चुका है। लेकिन जैसे-जैसे इनकी संख्या बढ़ी, वैसे-वैसे शिकायतें भी तेज होती चली गईं। हालात इतने बिगड़े कि बढ़ते विरोध को देखते हुए शासन को फिलहाल नए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगानी पड़ी। इसके बावजूद पहले से लगे मीटरों को लेकर लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं।
बिलिंग गड़बड़ी से परेशान उपभोक्ता
स्मार्ट मीटर लगने के बाद सबसे बड़ी समस्या बिलिंग को लेकर सामने आ रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि भुगतान करने के बावजूद बकाया राशि दिखाई जा रही है। किसी के बिल में 2200 रुपये बकाया दिखाया जा रहा है, तो किसी के खाते में 1400 रुपये, जबकि उन्होंने पहले ही भुगतान कर दिया है। उपभोक्ता विनोद सबरवाल जैसे कई लोग अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान के बजाय उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। सैकड़ों उपभोक्ता अपने बिल और भुगतान के सबूत लेकर कार्यालय पहुंचे, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
“यह किसी पार्टी का नहीं, जनता का आंदोलन”
प्रदर्शन के दौरान प्रदीप जैन आदित्य ने साफ कहा कि यह आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि आम जनता के गुस्से का परिणाम है। उनके अनुसार बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में उपभोक्ताओं का शोषण हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जनप्रतिनिधि वास्तव में जनता के हितैषी हैं, तो उन्हें भी सड़कों पर उतरकर लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए।
सरकार पर जबरन वसूली के आरोप
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और शिक्षाविद डॉ. सुनील तिवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि निजी कंपनियों को खुली छूट दे दी गई है, जो मनमाने तरीके से उपभोक्ताओं से वसूली कर रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुराने मीटर खराब थे, तो उन्हें समय रहते बदला क्यों नहीं गया। अब अचानक स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता पर आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है।
आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ और ऊर्जा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। सड़कों पर उतरकर बड़े स्तर पर विरोध किया जाएगा। इस प्रदर्शन में राजेंद्र यादव, इम्तियाज हुसैन, विश्व प्रताप यादव समेत सैकड़ों उपभोक्ता शामिल रहे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।
स्मार्ट मीटर के ख़िलाफ़ जनआंदोलन (खूनी आंदोलन), फूटा जनआक्रोश
