मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के ऐतिहासिक शहर ओरछा में बन रहे भव्य रामराजा लोक प्रोजेक्ट को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। इस परियोजना में इस्तेमाल होने वाले पत्थरों की खरीद में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिस सैंडस्टोन की बाजार कीमत करीब 52 रुपये प्रति वर्गफुट है, उसे परियोजना में 335 रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से खरीदा गया। यानी बाजार कीमत से करीब पाँच से छह गुना ज्यादा भुगतान किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस परियोजना में पत्थर की खरीद के लिए करीब 35 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। अब तक निर्माण के शुरुआती चरण में लगभग 10 करोड़ रुपये का पत्थर इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। कहा जा रहा है कि अगर बाजार कीमत के हिसाब से पत्थर खरीदा जाता तो इतनी मात्रा का पत्थर लगभग 2 करोड़ रुपये में मिल सकता था। ऐसे में शुरुआती चरण में ही करोड़ों रुपये की अतिरिक्त भुगतान की आशंका जताई जा रही है।
पीडब्ल्यूडी की दरों से अलग तय की गई कीमत
आमतौर पर सरकारी निर्माण कार्यों में सामग्री की कीमत पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के शेड्यूल ऑफ रेट के आधार पर तय होती है। लेकिन इस मामले में अधिकारियों ने यह कहते हुए अलग से कीमत तय की कि जिस तरह का पत्थर इस्तेमाल किया जा रहा है, वह पीडब्ल्यूडी की तय सूची में नहीं आता। इसी आधार पर पत्थर की कीमत करीब 62.5 रुपये से बढ़ाकर 335 रुपये प्रति वर्गफुट तय कर दी गई। इसी बात को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।
अवैध खदानों से पत्थर लाने का भी आरोप
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि परियोजना के लिए इस्तेमाल किए गए कुछ पत्थर अवैध खदानों से लाए गए हो सकते हैं। साथ ही यह भी आरोप लगाए गए हैं कि परिवहन के दौरान फर्जी बिलों का इस्तेमाल किया गया, जिससे टैक्स और खनन नियमों का उल्लंघन होने की आशंका जताई जा रही है।
इस पूरे मामले पर संबंधित अधिकारियों का कहना है कि परियोजना में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। उनका दावा है कि पूरा काम टेंडर प्रक्रिया के जरिए कराया गया है और दरें तय करने में नियमों का पालन किया गया है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि अगर कीमत ज्यादा होती तो ठेकेदार कम दर पर टेंडर डाल सकते थे। मामला सामने आने के बाद अब इस पूरे प्रकरण की जांच की मांग भी उठने लगी है। विपक्षी दलों और कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी परियोजना में पारदर्शिता जरूरी है और यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो इसकी जांच होनी चाहिए।
बता दें ओरछा में बन रहा रामराजा लोक प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की एक बड़ी योजना है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 332 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसका मकसद ओरछा को एक बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाना है और यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित करना है।

