लव मैरिज करने वाली बहन को घर बुलाया, रिश्तेदारों ने बरसाई ताबड़तोड़ गोलियां, महिला की मौत

झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी शहर में एक शादी समारोह उस वक्त खूनखराबे में बदल गया, जब दस साल पुरानी पारिवारिक रंजिश फिर से भड़क उठी. भाई ने अपनी शादी में उस बहन को बुलाया, जिसने वर्षों पहले प्रेम विवाह कर घर छोड़ दिया था. यह फैसला कुछ रिश्तेदारों को इतना नागवार गुजरा कि बात मारपीट से शुरू होकर गोलीबारी तक पहुंच गई. इस हिंसा में पड़ोस में रहने वाली बुजुर्ग महिला कुसुम की जान चली गई, जबकि उनके बेटे राहुल घायल हो गए.

दस साल पहले टूटा रिश्ता, शादी ने फिर खोले जख्म
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के उन्नाव गेट इलाके का है. करीब दस साल पहले परिवार की एक बेटी ने प्रेम विवाह किया था. उस समय पंचायत बैठी, रिश्ते तोड़े गए और घर के दरवाजे बंद कर दिए गए. बेटी को मायके आने तक की इजाजत नहीं थी.
समय बीतता गया, लेकिन मन की दूरियां खत्म नहीं हुईं. हाल ही में परिवार के बेटे की शादी तय हुई. भाई ने पुरानी नाराजगी को भुलाकर अपनी बहन और बहनोई को समारोह में बुला लिया. यही फैसला कुछ लोगों को नागवार गुजरा. 

बारात में मारपीट, रिसेप्शन में खामोशी, फिर अचानक हमला
बताया जा रहा है कि बारात के दौरान ही तनाव सतह पर आ गया था. बहनोई के साथ कथित मारपीट हुई. शिकायत भी की गई, लेकिन मामला उस समय शांत हो गया. रिसेप्शन का कार्यक्रम भी बिना किसी बड़े विवाद के संपन्न हो गया, जिससे लगा कि शायद रिश्तों की गांठ ढीली पड़ रही है. लेकिन यह शांति अस्थायी थी. शादी के बाद जब मेहमान लौट गए और घर में केवल परिवार के लोग बचे, तभी आरोप है कि कुछ लोग गुस्से में घर पहुंचे. दरवाजा तोड़ने की कोशिश, बहस और फिर पथराव शुरू हो गया. देखते ही देखते पूरा मोहल्ला दहशत में आ गया. 

खिड़की पर खड़ी महिला बनी गोली का शिकार
इसी अफरातफरी के बीच पड़ोस में रहने वाली कुसुम अपने घर की खिड़की पर खड़ी होकर शोर-शराबा देख रही थीं. उनके साथ उनका बेटा राहुल भी मौजूद था. आरोप है कि इसी दौरान हुई फायरिंग में एक गोली खिड़की का शीशा तोड़ती हुई कुसुम को जा लगी. छर्रे राहुल की छाती में धंस गए. गंभीर हालत में कुसुम को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. एक पल में शादी की रोशनी मातम में बदल गई.

परिवार का सहारा थीं कुसुम
कुसुम के पति पिछले चार वर्षों से लकवाग्रस्त बताए जाते हैं. घर की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी. वह नगर निगम में संविदा सफाई कर्मी के रूप में काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं. उनकी मौत से परिवार आर्थिक और भावनात्मक दोनों रूप से टूट गया है. बहू और बेटियों का कहना है कि कुसुम और राहुल का इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं था. वे सिर्फ पड़ोसी थे, लेकिन पुरानी दुश्मनी की आग में उनकी जिंदगी झुलस गई.

पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि क्या रिश्तों की जिद और सामाजिक अहंकार किसी की जान से ज्यादा बड़े हो सकते हैं. 



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